Chandigarh, 11 July –पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने आज चंडीगढ़ में पंजाब अनएडेड कॉलेजेस एसोसिएशन (पुक्का) द्वारा शुरू किए गए ‘नशा विरोधी जागरूकता अभियान’ का औपचारिक शुभारंभ किया। 250 से अधिक कॉलेजों की भागीदारी के साथ शुरू हुए इस अभियान को युवाओं के बीच नशे के विरुद्ध एक व्यापक जनआंदोलन के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए राज्यपाल कटारिया ने कहा, “नशे के प्रति शून्य सहिष्णुता केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज की ज़रूरत है। यह अभियान सामाजिक चेतना और बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है।”उन्होंने युवाओं को “नशा मुक्त परिसर” की शपथ दिलाते हुए आह्वान किया कि शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक नेतृत्व के स्तंभ बनें। उन्होंने नियमित मानसिक स्वास्थ्य सत्र, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और नशामुक्ति कार्यशालाओं को बढ़ावा देने की अपील की।
सांसद सतनाम सिंह संधू ने नशे की समस्या को अंतर्राष्ट्रीय नार्को-आतंकवाद बताते हुए कहा कि “यह राष्ट्र-विरोधी ताकतों की संगठित साज़िश है, जो पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्यों को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है।”
पुक्का अध्यक्ष डॉ. अंशु कटारिया ने कहा, “यह अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सामूहिक संकल्प है जो युवाओं को नई दिशा देगा।”कार्यक्रम के समापन पर राज्यपाल ने उपस्थित छात्रों, शिक्षकों और प्रतिनिधियों को “नशे को ना, जीवन को हाँ” की शपथ दिलाई और युवाओं से समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने का आह्वान किया।