ऑस्ट्रिया | पाकिस्तान के ऑडिटर जनरल ने ऑस्ट्रिया स्थित पाकिस्तानी दूतावास में ₹16.6 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश किया है। रिपोर्ट के अनुसार, एक मिशन अधिकारी ने सरकारी फंड को चुपचाप अपने और अपनी पत्नी के गुप्त खातों में ट्रांसफर कर दिया और दोनों देश से फरार हो गए।
यह मामला 2020 का है, जब अधिकारी ने फर्जी दस्तावेज और जाली हस्ताक्षरों की मदद से सरकारी खाते से ₹12.8 करोड़ (यूरो में) और ₹3.7 करोड़ (डॉलर में) निकाल लिए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नवंबर 2023 तक पाकिस्तानी सरकार एक पैसा भी रिकवर नहीं कर पाई है।
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने जांच की रिपोर्ट तक ऑडिट टीम को नहीं सौंपी। इसके अलावा, दूतावास के अन्य अफसरों जैसे हेड ऑफ मिशन और चांसरी प्रमुख पर भी निगरानी में लापरवाही के आरोप लगे हैं, लेकिन अब तक किसी पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
फरवरी 2024 में फिर से यह मामला मंत्रालय के सामने लाया गया और सख्त जांच की मांग की गई। लेकिन सरकार सिर्फ €17,328 की रिकवरी ही दिखा पाई है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच जारी है, मगर अब तक मामला वहीं का वहीं अटका हुआ है।
इस घोटाले ने पाकिस्तानी विदेश सेवा की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं और भ्रष्टाचार पर ढीली पकड़ को भी उजागर किया है।