14 July, 2025
अमेरिका के फिलाडेल्फिया में आयोजित 53वें शतरंज ओपन में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर भरत सुब्रमण्यम ने इतिहास रचते हुए खिताब अपने नाम किया। चेन्नई के 17 वर्षीय इस खिलाड़ी ने 9 में से 7.5 अंक हासिल कर टूर्नामेंट जीत लिया और ₹17 लाख (21,000 डॉलर) की पुरस्कार राशि प्राप्त की। भरत अब अमेरिकी ग्रैंडमास्टर हांस नीमन और डेनमार्क के दिग्गज बेंट लार्सन जैसे पूर्व विजेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं।
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दुनिया भर की उभरती और अनुभवी प्रतिभाओं ने हिस्सा लिया। भारत से भरत और ग्रैंडमास्टर हर्षा भरतकोटी ने भाग लिया। शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी पूर्व विश्व जूनियर चैंपियन जेफरी जियांग थे। भरत ने बताया कि उन्होंने चार इंटरनेशनल मास्टर्स (आईएम) और एक ग्रैंडमास्टर (जीएम) के खिलाफ मुकाबले खेले।अंतिम राउंड में भरत का मुकाबला अमेरिका के आईएम सम्रुग नारायणन से हुआ। उन्होंने बताया, “मुझे पता था कि अगर मैंने सम्रुग को हराया, तो खिताब मेरे नाम होगा। सभी शीर्ष बोर्डों पर ड्रॉ हो चुका था, और अमेरिका में पुरस्कार साझा किए जाते हैं। लेकिन मेरे पास सफेद मोहरे थे और मैं खिताब को पूरी तरह अपने नाम करना चाहता था।”उन्होंने आगे कहा, “सम्रुग ने पहले टूर्नामेंट में दो मजबूत जीएम को हराया था, जिनमें हर्षा भी शामिल हैं। वह शानदार फॉर्म में थे और शुरुआत में खेल बराबरी पर था। मैच 5 घंटे से अधिक चला, लेकिन आखिर में मैं जीत गया और बहुत खुश हूँ।”
भरत ने यह भी साझा किया कि बोर्ड परीक्षाओं की वजह से उन्हें चार महीने का ब्रेक लेना पड़ा, जिससे उनकी तैयारी प्रभावित हुई। इसके अलावा, अमेरिका के समय क्षेत्र के चलते उन्हें जेट लैग की भी कठिनाई झेलनी पड़ी। “भारत और अमेरिका के समय में 9 घंटे 30 मिनट का फर्क है। इससे तालमेल बिठाना कठिन था। यूरोप के मुकाबले यह ज्यादा चुनौतीपूर्ण था,” भरत ने बताया।इस जीत से न केवल भरत की प्रतिभा का प्रमाण मिलता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भारत से विश्व स्तरीय खिलाड़ी लगातार उभर रहे हैं।