मुंबई | हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारी बिकवाली से बीएसई सेंसेक्स 516.25 अंक टूटकर 81,742.99 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 159.05 अंक गिरकर 24,953.55 पर आ गया।
बाजार में गिरावट की मुख्य वजह विदेशी पूंजी की तेज निकासी रही। एफआईआई ने गुरुवार को 3,694 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
सेंसेक्स की 30 में से एक्सिस बैंक का शेयर सबसे ज्यादा—करीब 5%—गिरा। इसके अलावा भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, इटर्नल (पूर्व में जोमैटो) और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी गिरावट रही।
हालांकि कुछ कंपनियों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की। पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील और टाटा मोटर्स के शेयरों में बढ़त देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का मिला-जुला असर:
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया और जापान के सूचकांक नुकसान में रहे, जबकि चीन और हांगकांग के बाजारों में तेजी देखी गई। अमेरिकी बाजार गुरुवार को हरे निशान पर बंद हुए थे। ब्रेंट क्रूड भी मामूली गिरावट के साथ 69.49 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
निवेशकों के लिए संकेत:
मौजूदा गिरावट विदेशी निवेशकों के मूड और वैश्विक संकेतों पर निर्भर है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर रणनीतिक निवेश की सलाह दी जा रही है।