अमेरिकी | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया दावे ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक निजी रात्रिभोज के दौरान ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुई झड़प में “पांच जेट विमान” मार गिराए गए। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये विमान किस देश के थे। इस बयान के बाद एक बार फिर भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा तेज हो गई है।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर भारत का वह सैन्य अभियान था जो 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारत ने जवाब में 7 मई से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी शिविरों और सैन्य ठिकानों पर तीन दिन तक हवाई और मिसाइल हमले किए। एयर मार्शल ए.के. भारती के अनुसार, इस ऑपरेशन में सभी भारतीय पायलट सुरक्षित लौटे।
पाकिस्तान के दावे और भारत की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने तीन भारतीय राफेल लड़ाकू विमान मार गिराए और कुछ पायलटों को हिरासत में लिया, लेकिन न तो कोई सबूत पेश किया और न ही यह साबित कर सका। भारत ने साफ कहा कि उसका कोई भी राफेल विमान क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है और कोई भी पायलट पकड़ा नहीं गया।
भारतीय सेना प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने भी माना कि कुछ विमान ऑपरेशन में खोए, लेकिन पाकिस्तान की संख्या को “बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया” बताया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत ने सटीक और गहराई तक हवाई हमले कर पाकिस्तान की सैन्य और आतंकी संरचना को कमजोर किया है।
फ्रांस ने भी किया पाकिस्तान के दावे को खारिज
राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने पाकिस्तान के दावे को “तथ्यों से परे और पूरी तरह गलत” बताया। उन्होंने कहा कि तीन राफेल विमानों को मार गिराने की बात झूठ है और जल्द ही सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।
ट्रंप की मध्यस्थता पर सवाल
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि 10 मई को हुआ युद्धविराम अमेरिका की मध्यस्थता का नतीजा था और अमेरिका ने दोनों परमाणु संपन्न देशों को युद्ध से रोका। हालांकि भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोई विदेशी हस्तक्षेप नहीं हुआ, और शांति प्रक्रिया द्विपक्षीय स्तर पर हुई।