धनबाद | झारखंड के धनबाद जिले में अवैध कोयला खनन ने एक बार फिर जानलेवा रूप ले लिया है। बाघमारा थाना क्षेत्र के केशरगढ़ स्थित जमुनिया इलाके में मंगलवार देर रात अवैध माइनिंग के दौरान खदान की चाल धंस गई, जिससे बड़ा हादसा हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब दर्जन भर मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिनमें से 9 की मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हैरान करने वाली बात यह है कि हादसे के बाद न तो प्रशासन मौके पर पहुंचा और न ही कोई सरकारी बचाव दल। बल्कि अवैध खनन में लिप्त तस्करों ने खुद ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया, ताकि घटना की जानकारी दबाई जा सके और कार्रवाई से बचा जा सके।
विधायक सरयू राय ने खोली पोल
घटना के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। जेडीयू विधायक सरयू राय ने सोशल मीडिया पर बड़ा आरोप लगाते हुए लिखा कि बाघमारा के जमुनिया में 9 मजदूरों की जान गई है और कोयला माफिया मृतकों के शव छिपाने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि इस अवैध खनन के पीछे “चुनचुन” नामक माफिया सक्रिय है, जिसे स्थानीय प्रभावशाली संरक्षण प्राप्त है। विधायक ने इस संबंध में धनबाद एसएसपी को सूचना भी दी है।
प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
यह हादसा प्रशासन की निष्क्रियता और अवैध कारोबार के खिलाफ कमजोर कार्रवाई को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना सरकारी मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर अवैध खनन संभव ही नहीं है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में कई बार इसी तरह के हादसे हो चुके हैं, लेकिन न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही माफिया पर लगाम लग पाई।
हालात अब भी गंभीर
अब तक जो जानकारी सामने आई है, वह बेहद चिंता जनक है , न तो सभी मजदूरों का पता चल पाया है, न ही मौके पर कोई सरकारी बचाव टीम है। कोयला माफिया द्वारा ही राहत कार्य किए जा रहे हैं, जिससे सच्चाई सामने आने की उम्मीद कम है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है , कब तक मजदूरों की जानें इस अवैध मुनाफे की भेंट चढ़ती रहेंगी? और क्या प्रशासन अब भी चुप रहेगा?