लुधियाना लुधियाना में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है। बादल का कहना है कि सरकार इस नीति का महिमामंडन तो कर रही है, लेकिन खुद मुख्यमंत्री ने न तो ड्राफ्ट पर हस्ताक्षर किए और न ही इसकी कमेटी की अध्यक्षता स्वीकार की, जिससे साफ है कि वे खुद भी इस विवादास्पद नीति से सहमत नहीं हैं।
“गलत नीति लागू कर रही है सरकार, जेल तक जा सकते हैं जिम्मेदार”
सुखबीर बादल ने चेतावनी दी कि यह पॉलिसी किसानों की जमीन हड़पने की एक साजिश है, और अकाली दल की सरकार आने पर इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाई जाएगी। उन्होंने यहां तक कहा कि इस नीति को लागू करने वालों को जेल जाना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री क्यों नहीं बने चेयरमैन?
बादल ने सवाल उठाया कि यदि यह पॉलिसी इतनी ही अच्छी है तो मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद इसकी कमेटी के चेयरमैन क्यों नहीं बने? इसके बजाय मुख्य सचिव को चेयरमैन बनाया गया और कमेटी में बाहरी लोगों को जगह दी गई, जो इस पूरे मामले पर संदेह खड़ा करता है।
“एक इंच जमीन भी नहीं जाने देंगे सरकार के पास”
लैंड पूलिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान सुखबीर बादल ने दो टूक कहा, “हम एक इंच जमीन भी सरकार के पास नहीं जाने देंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना के पीछे आम आदमी पार्टी और दिल्ली के बिल्डरों की साजिश है, जिन्हें मनचाही जमीन देने का वादा किया गया है।
पुराने कानून के जरिए अधिग्रहण की तैयारी, खुलेंगे भ्रष्टाचार के रास्ते?
बादल ने यह भी खुलासा किया कि सरकार ने केंद्रीय भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की बजाय 1995 के पुराने राज्य कानून के तहत लुधियाना में 24 हजार एकड़ सहित कुल 40 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहित करने की योजना बनाई है। इस कानून में सरकार को मनमाफिक तरीके से जमीन का आबंटन या नीलामी करने की छूट मिलती है, जिससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की संभावना बनती है।
अकाली दल की इस आक्रामक रणनीति से साफ है कि आने वाले दिनों में पंजाब में लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर सियासी घमासान और तेज़ होगा।