नई दिल्ली | उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे से भारतीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और अब देश को नया उपराष्ट्रपति मिलने जा रहा है। सियासी गलियारों में चर्चाएं जोरों पर हैं कि अगला चेहरा कौन होगा।
बीजेपी ने उत्तराधिकारी की तलाश शुरू कर दी है। चूंकि लोकसभा और राज्यसभा दोनों में एनडीए को बहुमत हासिल है, इसलिए मोदी सरकार के लिए पसंदीदा उम्मीदवार को चुनना मुश्किल नहीं होगा।
BJP का फोकस: दमदार और भरोसेमंद चेहरा
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी इस बार उपराष्ट्रपति की कुर्सी किसी सहयोगी दल को नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर के दमदार और अनुभवी नेता को सौंपना चाहती है। संगठन से जुड़े नेताओं या पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के नामों पर मंथन जारी है। पार्टी चाहती है कि उम्मीदवार की छवि साफ-सुथरी हो और वह संगठनात्मक रूप से मज़बूत हो।
रामनाथ ठाकुर के नाम की चर्चा… लेकिन!
जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का नाम भी चर्चा में आया था, जब बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनसे मुलाकात की। लेकिन बाद में ये बात सामने आई कि मुलाकात का विषय बिहार की औद्योगिक नीति था, न कि उपराष्ट्रपति चुनाव। पार्टी ने जेडीयू नेतृत्व से भी इस बारे में कोई संवाद नहीं किया है।
वेंकैया नायडू जैसी छवि की तलाश
बीजेपी एक बार फिर चाहती है कि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू जैसे हो—अनुभवी, निर्विवाद और पार्टी की विचारधारा से पूरी तरह जुड़े हुए। सूत्र बताते हैं कि एक वरिष्ठ राज्यपाल, अनुभवी संगठनकर्ता या केंद्रीय मंत्री का नाम सबसे आगे हो सकता है।
फिलहाल जिम्मेदारी हरिवंश नारायण सिंह के पास
धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति का पद खाली हो गया है। हालांकि, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह फिलहाल सदन का कामकाज देख रहे हैं। लेकिन नए उपराष्ट्रपति को लेकर फैसला जल्द ही आने की उम्मीद है।