नई दिल्ली | अमेरिका और यूरोपीय यूनियन (EU) ने आपसी व्यापार को एक नया मोड़ देने के लिए ऐतिहासिक व्यापार समझौता किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को इस डील की घोषणा करते हुए कहा कि यह अमेरिका और यूरोप के बीच अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक करार है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
इस समझौते के तहत दोनों पक्षों के बीच करीब 1.9 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 157 लाख करोड़ रुपये) का व्यापार होने का अनुमान है। यह डील मुख्य रूप से ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, कृषि और टेक्नोलॉजी सेक्टर को केंद्र में रखकर की गई है।
एक समान टैरिफ स्लैब लागू
ट्रंप ने बताया कि समझौते के तहत यूरोप से अमेरिका आने वाले सभी उत्पादों पर अब 15% का एक समान आयात शुल्क (इम्पोर्ट टैरिफ) लगाया जाएगा। इससे पहले इन पर अलग-अलग दरों से टैक्स लागू होता था, जिससे व्यापार में असंतुलन पैदा हो रहा था।
ऊर्जा और डिजिटल सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में एनर्जी एक्सपोर्ट, ऑटो इंडस्ट्री और डिजिटल व्यापार को लेकर भी बड़े फैसले लिए गए। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब यूरोप को ज्यादा मात्रा में ऊर्जा निर्यात करेगा, जिससे यूरोपीय देशों की रूस पर ऊर्जा निर्भरता कम हो सके।
EU अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी इस समझौते को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे यूरोपीय कंपनियों को अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी दोनों पक्षों के कारोबारियों, किसानों और आम नागरिकों के लिए लाभकारी होगी।
खत्म होगा पुराना व्यापार तनाव
गौरतलब है कि बीते वर्षों में अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के बीच टैरिफ और ट्रेड नियमों को लेकर तनाव बना हुआ था। कई बार विवाद भी हुए। लेकिन इस व्यापार समझौते को इन सभी तनावों के समाधान के रूप में देखा जा रहा है।