लुधियाना | पंजाब की परंपरागत विरासत मानी जाने वाली बैलगाड़ी रेस को दोबारा कानूनी मंजूरी मिलने की उम्मीद अब और पक्की हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज लुधियाना में आयोजित एक समारोह के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि पंजाब पशु क्रूरता निवारण (पंजाब संशोधन) अधिनियम-2025 को विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित कर राज्यपाल के जरिए राष्ट्रपति को भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने उत्साहित होकर कहा, “जैसे ही राष्ट्रपति इस बिल पर दस्तखत कर भेजेंगे, उसी दिन आप अपने नारे-बग्गे सजा लेना।” इस बयान पर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने किला रायपुर के पारंपरिक खेलों की चर्चा करते हुए कहा कि पंजाबियों के खेलों से प्यार को कोई कानून खत्म नहीं कर सकता। ट्रैक पर भले रुकावटें हों, लेकिन जज्बा नहीं रुकता।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नए कानून में यह ध्यान रखा गया है कि रेस के दौरान पशुओं को कोई शारीरिक चोट न पहुंचे। इसलिए ड्राइवर के हाथ में डंडा या कोई मारक वस्तु नहीं होनी चाहिए। रेस के दौरान सिर्फ शाबाशी और आवाज़ से ही बैल को बढ़ावा देना होगा।
मुख्यमंत्री के इस ऐलान को पंजाबियों की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को फिर से जीवंत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।