मुंबई | सप्ताह की शुरुआत शेयर बाजार के लिए झटकेदार रही। मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और अमेरिका की ओर से भारत पर उच्च शुल्क लगाने की चेतावनी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसका असर शुरुआती कारोबार पर भी साफ नजर आया।
क्या हुआ बाजार में?
बीएसई सेंसेक्स 337.40 अंकों की गिरावट के साथ 80,681.32 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 98.75 अंक फिसलकर 24,624.00 पर आ गया।
किन कंपनियों के शेयर गिरे?
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से बीईएल, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अदाणी पोर्ट्स जैसे दिग्गज शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। वहीं मारुति, एसबीआई, टाटा मोटर्स, बजाज फाइनेंस जैसी कंपनियों के शेयरों में थोड़ी तेजी देखने को मिली।
FII-DII की चाल
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को 2,566.51 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले।
- घरेलू निवेशक (DII) उतरे बाजार में बचाव के लिए और 4,386.29 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
ट्रंप की चेतावनी ने बिगाड़ा मूड
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को रूस से तेल खरीदने पर उच्च शुल्क लगाने की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि भारत रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीदकर भारी मुनाफा कमा रहा है। इस बयान ने बाजार की धारणा को और नेगेटिव कर दिया।
भारत का पलटवार
विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के आरोपों को “अनुचित और अविवेकपूर्ण” बताते हुए कहा कि भारत ने रूस से तेल आयात तब शुरू किया जब यूरोपीय देशों ने पारंपरिक आपूर्ति की दिशा मोड़ दी थी। अमेरिका ने भी तब भारत को यह आयात जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया था।
अंतरराष्ट्रीय संकेत
एशियाई बाजारों (हैंगसेंग, शंघाई, निक्की आदि) में तेजी दर्ज की गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल ब्रेंट 0.33% की गिरावट के साथ 68.53 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
निष्कर्ष
विदेशी निवेशकों की बिकवाली, अमेरिकी बयानबाज़ी और भू-राजनीतिक दबावों के बीच बाजार फिलहाल दबाव में है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी नीति संकेतों और रूस-भारत संबंधों पर बनी रहेगी।