चंडीगढ़ | पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों (2027) को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। पार्टी ने राज्य में 21 नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर यह संकेत दे दिया है कि वह अब पूरी तैयारी के साथ जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने जा रही है।
इन नए जिलाध्यक्षों को चुनते समय भाजपा ने सामाजिक, व्यवसायिक और राजनीतिक विविधता को ध्यान में रखा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नए चेहरे न केवल संगठन को ताजगी देंगे, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर भाजपा की पकड़ भी मज़बूत करेंगे।
संगठन विस्तार का संकेत
इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह पंजाब में अपने संगठनात्मक ढांचे को गांव-शहर तक मजबूत करना चाहती है। हर जिले में पार्टी की उपस्थिति को प्रभावी बनाने के लिए जमीनी कार्यकर्ताओं और नए नेतृत्व को तरजीह दी गई है।
जानिए कौन-कहां से बना जिलाध्यक्ष:
- अमृतसर ग्रामीण – अमरपाल सिंह बोनी
- अमृतसर ग्रामीण द्वितीय – हरदीप सिंह गिल
- बटाला – हरसिमरन सिंह वालिया
- बठिंडा ग्रामीण – गुरप्रीत सिंह मलूका
- बठिंडा शहरी – सरूप चंद सिंगला
- फतेहगढ़ साहिब – दीदार सिंह भट्टी
- फिरोजपुर – सरबजीत सिंह बाथ
- गुरदासपुर – बघेल सिंह
- जगराओं – राजिंदर पाल शर्मा
- खन्ना – भूपिंदर सिंह चीमा
- लुधियाना ग्रामीण – गगनदीप सन्नी कैंत
- मालेरकोटला – जगत कथूरिया
- मानसा – गोमा राम पूनिया
- मोगा – डॉ. हरजोत कमल
- मोहाली – संजीव वशिष्ट
- नवांशहर – राजविंदर सिंह लक्की
- पठानकोट – सुरेश शर्मा
- पटियाला ग्रामीण (उत्तरी) – जसपाल सिंह गागरोली
- पटियाला ग्रामीण (दक्षिण) – हरमेश गोयल
- पटियाला शहरी – विजय कुमार गर्ग (कुका)
- संगरूर-2 – दमन थिंद बाजवा
रणनीतिक संदेश
इन नियुक्तियों से यह भी स्पष्ट है कि भाजपा राज्य के हर हिस्से में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश कर रही है। कई जिलों में पहली बार नए चेहरों को मौका दिया गया है, जिससे कार्यकर्ताओं में भी नया जोश भरने की उम्मीद है।
भाजपा के इस कदम को 2027 चुनाव से पहले “संगठन सशक्तिकरण” की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है।