वॉशिंगटन | अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने अवैध आव्रजन रोकने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। अब पर्यटक (B-2) और व्यवसायिक (B-1) वीजा पर अमेरिका आने वाले विदेशियों को 15,000 अमेरिकी डॉलर तक का सिक्योरिटी बांड भरना होगा। यह नया नियम एक प्रायोगिक कार्यक्रम के तहत लागू किया गया है, जो 5 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा।
क्यों लागू किया गया यह बांड सिस्टम?
विदेश विभाग के मुताबिक, यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वीजा अवधि खत्म होने के बाद आगंतुक अमेरिका में अवैध रूप से न रुकें। लंबे समय से यह देखा गया है कि लाखों विदेशी वीजा खत्म होने के बावजूद देश छोड़ने के बजाय अमेरिका में रुक जाते हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आव्रजन नीति पर असर पड़ता है।
किन देशों पर लागू होगा नियम?
फिलहाल इस प्रायोगिक कार्यक्रम के तहत आने वाले देशों की सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन जिन देशों के नागरिकों का वीजा ओवरस्टे का रिकॉर्ड अधिक है, उन्हें प्राथमिकता दी जा सकती है।
किन पर लागू होगा नियम?
यह नियम उन विदेशी नागरिकों पर लागू होगा जो:
- B-1 (व्यावसायिक) या B-2 (पर्यटक) वीजा के लिए आवेदन कर रहे हों
- वीजा अवधि से अधिक समय तक अमेरिका में रहने का ट्रैक रिकॉर्ड रखते हों
- निवेश के जरिए नागरिकता लेने की कोशिश कर चुके हों या बिना स्थायी निवास की पात्रता के अमेरिकी नागरिक बन चुके हों
ट्रंप की नीति का हिस्सा
विदेश मंत्रालय ने इस कदम को ट्रंप प्रशासन की कड़ी आव्रजन नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की रणनीति का हिस्सा बताया है। यह फैसला उनके आगामी चुनाव अभियान का भी एक प्रमुख मुद्दा माना जा रहा है।
निष्कर्ष
नए नियम के तहत अब अमेरिका आने वाले पर्यटकों और बिजनेस विजिटर्स को न सिर्फ वीजा नियमों का पालन करना होगा, बल्कि 15,000 डॉलर तक की बांड राशि भी जमा करनी होगी, जो नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जब्त की जा सकती है। यह नियम दुनियाभर के लाखों यात्रियों की जेब और योजना दोनों पर असर डाल सकता है।