खन्ना | जिस बेटे को पढ़ाई के लिए रूस भेजा गया था, वह ताबूत में लिपटकर लौटा। 20 वर्षीय साईं ध्रुव कपूर की मास्को में झील में डूबने से मौत हो गई। सोमवार को जब उसका पार्थिव शरीर खन्ना के सनसिटी इलाके में पहुंचा, तो पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया।
ध्रुव कपूर, अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। एंबुलेंस गली में पहुंची, तो मां की चीखें सुन मोहल्ला थम गया—”बेटा, तू तो डिग्री लेने गया था, अब ऐसे क्यों लौटा?” पिता बेसुध होकर ताबूत से लिपट गए।
ध्रुव का शव भारत लाने में परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भाजपा नेता गौरव लूथरा, परम वालिया, अनुज छाहड़िया और पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना के प्रयासों से अंततः शव को लाया जा सका। अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग शामिल हुए, हर आंख नम थी।
अब ध्रुव नहीं है, लेकिन उसकी मां की यह चीख—”हमने बेटे को पढ़ने भेजा था, लाश नहीं मंगवाई थी”—शहर के दिल को हमेशा चीरती रहेगी।