Mandi, 5 August – मंडी जिला में बीती रात से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को एक बार फिर पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। बल्ह घाटी में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं, जहां खेतों और सड़कों पर बाढ़ का पानी भर गया है।
क्षेत्र की सुकेती खड्ड उफान पर है, जिसके चलते निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। रिहायशी इलाकों से लेकर खेतों तक पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। ऑटोमोबाइल एजेंसियों की पार्किंग में भी पानी घुस जाने से दर्जनों वाहन इसकी चपेट में आ गए हैं। मौके पर मौजूद एजेंसी संचालकों और कर्मचारियों द्वारा क्रेनों की मदद से गाड़ियों को बाहर निकाला जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।किसान जय सिंह ने बताया कि बाढ़ के चलते उनकी टमाटर, भिंडी, खीरा जैसी नगदी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं।
331 सड़कें बाधित, 567 ट्रांसफॉर्मर ठप
प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में दो नेशनल हाईवे सहित कुल 331 सड़कें बाधित हैं। 567 विद्युत ट्रांसफॉर्मर ठप हो चुके हैं और 86 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
लगातार हो रही बारिश से जिले की सभी छोटी-बड़ी नदियाँ और नाले उफान पर हैं। सुकेती खड्ड के उफान का असर ब्यास नदी पर भी पड़ा है, जहां जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। पंडोह डैम से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करने की हिदायत दी गई है।