न्यूयॉर्क | गाज़ा संकट के बीच इज़राइल ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई और हमास के कब्जे में बंद अपने नागरिकों की तत्काल रिहाई की मांग की। यह कदम एक दिल दहला देने वाले वीडियो के सामने आने के बाद उठाया गया, जिसमें एक इज़राइली बंधक एव्यातर डेविड को अपनी कब्र खुद खोदते देखा गया।
इस मुद्दे पर जहां एक तरफ इज़राइल ने हमास को बर्बर करार दिया, वहीं दूसरी ओर कई देशों और संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधियों ने गाज़ा में मानवीय संकट के लिए इज़राइली नाकेबंदी और राहत सामग्री की कमी को जिम्मेदार ठहराया। गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक भुखमरी से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कई मासूम बच्चे शामिल हैं।
इज़राइली विदेश मंत्री गिदोन सार, जो इस वक्त न्यूयॉर्क में हैं, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और परिषद के कुछ सदस्यों पर “झूठ फैलाने” का आरोप लगाया। उनका दावा है कि इज़राइल गाज़ा में बड़ी मात्रा में सहायता सामग्री भेज रहा है, जिसे हमास लूटकर अपने फायदे के लिए बेच रहा है। उन्होंने कहा, “बंधकों को जानबूझकर भूखा रखा जा रहा है, जबकि आतंकी मांस-मछली खा रहे हैं।”
हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने इज़राइली आरोपों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हमास द्वारा राहत सामग्री लूटने का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है।
ब्रिटेन और अमेरिका ने जताई चिंता:
संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन की प्रतिनिधि बारबरा वुडवर्ड ने सभी बंधकों की तत्काल रिहाई की मांग दोहराई और बंधकों को “प्रोपेगेंडा” के लिए इस्तेमाल किए जाने की निंदा की। वहीं अमेरिका की कार्यवाहक राजदूत डोरोथी शीया ने स्वीकार किया कि गाज़ा में भुखमरी गंभीर स्तर तक पहुँच चुकी है और अमेरिका वहां राहत पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।
फलस्तीन के राजदूत रियाद मंसूर ने बंधक वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फलस्तीन किसी भी बंधक के साथ अमानवीय व्यवहार का समर्थन नहीं करता। लेकिन उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इज़राइल ही गाज़ा में सुनियोजित रूप से भुखमरी फैला रहा है।