गाजा | गाजा में युद्ध का 22वां महीना और भी ज्यादा खतरनाक बन गया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के “पूर्ण कब्जे” की योजना के बीच, इजरायली हवाई हमलों और गोलीबारी में 26 फिलिस्तीनियों की जान चली गई, जबकि एक अलग हमले में अल जज़ीरा के पत्रकार अनस अल शरीफ समेत 5 पत्रकार भी मारे गए। ये घटनाएं मानवीय संकट को गहरा कर रही हैं और साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा व युद्ध में मीडिया की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
पत्रकारों पर हुआ जानलेवा हमला
गाजा सिटी के शिफा अस्पताल के पास टेंट में मौजूद अनस अल शरीफ अपने चार साथी पत्रकारों के साथ रिपोर्टिंग कर रहे थे, तभी इजरायली हवाई हमला हुआ। इजरायल का दावा है कि अनस हमास के एक बड़े कमांडर थे और रॉकेट हमलों की योजना बनाते थे, लेकिन अल जज़ीरा ने इस आरोप को पूरी तरह से नकारते हुए इसे “सच की आवाज़ दबाने की कोशिश” बताया। मारे गए अन्य पत्रकारों में मोहम्मद करीका, इब्राहिम जाहेर और मोहम्मद नौफल शामिल हैं।
‘पूर्ण कब्जे’ की योजना के बीच राहत चाहने वालों को भी मौत
नेतन्याहू ने रविवार को विदेशी मीडिया से कहा कि गाजा पर इजरायल का पूर्ण नियंत्रण जरूरी है। इसी दौरान, नासर अस्पताल ने बताया कि मोराग कॉरिडोर के पास मदद का इंतजार कर रहे 10 लोग मारे गए। इसके अलावा, उत्तरी गाजा के ज़िकिम क्रॉसिंग पर 6, केंद्रीय गाजा में राहत केंद्र के पास 4 और खान यूनिस व रफ़ा के बीच 6 लोग गोलीबारी में शिकार हुए।
इजरायल का आरोपों से इंकार
इजरायली सेना ने राहत काफिले पर हमले की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि ये घटनाएं संभवतः लूटपाट के दौरान हुई गोलीबारी से जुड़ी हैं। वहीं, हमास ने चेतावनी दी है कि पत्रकारों की हत्या और नागरिकों पर हमले गाजा में बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत हो सकते हैं।
मानवीय संकट और भुखमरी बढ़ती जा रही है
गाजा में युद्ध और विस्थापन के बीच भुखमरी तेजी से फैल रही है। शनिवार को कुपोषण से दो और बच्चों की मौत हुई, जिससे इस वजह से जान गंवाने वाले बच्चों की संख्या 100 हो गई है। वहीं, 117 वयस्क भी भूख से दम तोड़ चुके हैं। मंत्रालय के अनुसार, अब तक 61,400 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें भुखमरी के कारण हुई मौतें शामिल नहीं हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद गाजा पर इजरायली नियंत्रण को लेकर आपात बैठक करने जा रही है। इस बीच, इजरायल में नेतन्याहू के “पूर्ण कब्जे” के प्लान के खिलाफ विरोध तेज हो रहा है और बंधकों के परिजनों ने आम हड़ताल का आह्वान किया है। गाजा में हालिया हमलों से साफ हो गया है कि युद्ध और भी हिंसक होने वाला है।