अमेरिका | दुनिया के सबसे उन्नत माने जाने वाले अमेरिकी एफ-35बी स्टील्थ फाइटर जेट की एक और तकनीकी खराबी सामने आई है। भारत में फंसने और आपातकालीन लैंडिंग के बाद अब ब्रिटिश एफ-35बी को जापान के कागोशिमा एयरपोर्ट पर तकनीकी गड़बड़ी के चलते अचानक आपात लैंडिंग करनी पड़ी। यह घटना न केवल अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास के बीच हड़कंप मचा गई, बल्कि चीन और रूस के मीडिया ने भी ब्रिटिश और अमेरिकी सैन्य तकनीक पर कटाक्ष करना शुरू कर दिया है।
जापानी अधिकारियों के अनुसार, रविवार सुबह करीब 11:30 बजे स्थानीय समय पर यह समस्या हुई, जिससे रनवे लगभग 20 मिनट तक बंद रहा और कई वाणिज्यिक उड़ानों में देरी हुई। राहत की बात यह है कि किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। यह जेट ब्रिटिश नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर HMS प्रिंस ऑफ वेल्स से ऑपरेट हो रहा था, जो अप्रैल से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तैनात है और कई देशों के बंदरगाहों का दौरा कर चुका है।
यह हादसा उस समय हुआ जब ब्रिटेन, जापान और अमेरिका के बीच 4 अगस्त से जारी संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा है। ब्रिटेन ने इस अभ्यास के लिए पश्चिमी प्रशांत में अपना एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भेजा है।
इससे पहले 14 जून को भी HMS प्रिंस ऑफ वेल्स से उड़ान भर रहे ब्रिटिश एफ-35बी को भारत के तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर हाइड्रोलिक खराबी के कारण आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी थी, जिसकी मरम्मत में पांच सप्ताह से अधिक समय लगा था। उस वक्त ब्रिटिश उच्चायोग ने भारत की सहायता के लिए सार्वजनिक रूप से धन्यवाद भी दिया था।
इस नए मामले पर रूस के सरकारी मीडिया ने तंज कसा है कि ब्रिटिश एफ-35 जेट “आपातकालीन लैंडिंग को जैसे ट्रॉफी जमा कर रहे हों।” वहीं, चीन के सरकारी अखबार ने एफ-35बी की “जटिल तकनीकी प्रणालियों और कठिन रखरखाव” को इसका कारण बताया और ब्रिटिश नौसैनिक ताकत पर सवाल उठाते हुए कहा कि विदेशी बंदरगाहों पर जेट्स के फंसना ब्रिटेन की रणनीतिक कमजोरियों को उजागर करता है। अखबार ने सुझाव दिया कि लंदन को अपनी अमेरिकी हितों के लिए जोखिम उठाने की नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए।