Mandi, Dharamveer
मंडी जिला के नेरचौक की चामुंडा कॉलोनी के रहने वाले लेफ्टिनेंट कमांडर क्षितिज वशिष्ठ को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने के लिए प्रतिष्ठित ‘मेंशन इन डिस्पैचेज’ सम्मान से नवाजा है। यह सम्मान उन्हें 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया।
गोदावरी बाढ़ में बचाई थी 28 लोगों की जान
क्षितिज वशिष्ठ नौसेना के सी किंग हेलीकॉप्टर के कैप्टन के रूप में तैनात हैं। गोदावरी में आई भीषण बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभालते हुए अपनी टीम के साथ 120 समुद्री मील की चुनौतीपूर्ण उड़ान भरी और कठिन मौसम की परिस्थितियों का सामना करते हुए 28 लोगों की जान बचाई।उनकी इस बहादुरी पर मंडी जिला ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश गौरवान्वित है।लेफ्टिनेंट कमांडर क्षितिज वशिष्ठ के पिता वीपी वशिष्ठ एचपीएसईबीएल में सहायक अभियंता के पद से सेवारत रहे हैं और माता माला वशिष्ठ ट्रेजरी विभाग से सेवानिवृत्त हुई हैं।
क्षितिज बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। वर्ष 2008 में उन्होंने डीएवी नेरचौक से 10वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रदेश मेरिट सूची में सातवां स्थान प्राप्त किया। इसके बाद हिम अकादमी पब्लिक स्कूल, हमीरपुर से 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी कर यहां भी मेरिट सूची में स्थान बनाया। वर्ष 2015 में उन्होंने एनआईटी हमीरपुर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और उसी वर्ष यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम (यूईएस) के तहत शॉर्ट सर्विस कमीशन से नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल हुए।वर्तमान में क्षितिज वशिष्ठ पूर्वी नौसेना कमान, विशाखापत्तनम में लेफ्टिनेंट कमांडर के पद पर स्टाफ पायलट के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।