Shimla, 19 August
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन हिमाचल दृष्टिहीन संगठन ने राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बावजूद संगठन के सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे और अपनी लंबित मांगों को सरकार के सामने दोहराया।
संगठन के अध्यक्ष शोभू राम ने बताया कि दृष्टिहीन पिछले 680 दिनों से अधिक समय से शिमला के कालीबाड़ी स्थित रेन शैल्टर में धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि वर्ष 1995 से बैकलॉग नियुक्तियां लंबित हैं, जिन्हें पूरा करने की मांग वे बार-बार सरकार से कर चुके हैं।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से कई बार मुलाकात के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। साथ ही हिमाचल पथ परिवहन निगम की नई फ्री सेवा कार्ड योजना में दृष्टिहीनों से 200 रुपए शुल्क लिया जा रहा है, जो उन्हें अपनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन से चुकाना पड़ता है।संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि जिन बेरोजगार दृष्टिहीनों को आवास योजना के तहत मकान मिले हैं, उन्हें बीपीएल श्रेणी से बाहर किया जा रहा है, जिससे वे अन्य सरकारी लाभों से वंचित हो रहे हैं।
दृष्टिहीन संगठन ने सरकार से मांग की है कि बैकलॉग आधार पर नियुक्तियां जल्द पूरी की जाएं और सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी की जाए।