Shimla, Sanju
जल शक्ति विभाग पैरा वर्कर संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 26 अगस्त को विधानसभा के समीप प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने जल्द विचार नहीं किया तो वे पूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे।
2017 में भर्ती हुए पैरा वर्कर्स का कहना है कि सात वर्षों से लगातार सेवा देने के बावजूद उनके लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई। अस्थायी रूप से काम कर रहे कर्मचारियों ने सरकार पर बेरुखी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मांगों को लगातार अनसुना किया गया है।
संघ के अध्यक्ष महेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया था,लेकिन न तो वार्ता के लिए बुलाया गया और न ही समस्याओं पर चर्चा हुई।उन्होंने कहा कि कर्मचारी मजबूर होकर विधानसभा घेराव करेंगे।शर्मा ने आरोप लगाया कि भारी बरसात में भी पैरा वर्कर्स अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, कई कर्मचारियों की दुर्घटनाओं में जान जा चुकी है, लेकिन सरकार ने कोई राहत नहीं दी।यहां तक कि कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल रही।उन्होंने कहा कि मल्टीपरपज वर्कर्स को 5500 रुपये वेतन दिया जा रहा है, जबकि पैरा पंप ऑपरेटर और पैरा फीटर को 6600 रुपये मिलते हैं। कई कर्मचारी घर से 80 किलोमीटर दूर ड्यूटी कर रहे हैं और इस वेतन में गुजारा मुश्किल है। आर्थिक तंगी के चलते कुछ कर्मचारियों ने आत्महत्या तक कर ली है।
महेश शर्मा ने साफ चेतावनी दी कि 26 अगस्त को पैरा वर्कर्स विधानसभा के समीप विशाल प्रदर्शन करेंगे और यदि सरकार ने मांगें पूरी नहीं कीं तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जाएगा।