मॉस्को/ब्रसेल्स | रूस ने बेलारूस के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास “जापाद 2025” में अपनी पारंपरिक और परमाणु क्षमता का प्रदर्शन किया है। इस अभ्यास में परमाणु हथियार ले जाने वाले बमवर्षक, युद्धपोत, हजारों सैनिक और सैकड़ों सैन्य वाहन शामिल रहे। अभ्यास का उद्देश्य संभावित दुश्मन हमले की स्थिति में संयुक्त जवाबी कार्रवाई की तैयारी था, जिसमें रूस की नई “ओरेशनिक” इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का भी परीक्षण किया गया।
नाटो में बढ़ी चिंता
हाल की घटनाओं ने पूर्वी यूरोप में तनाव और गहरा कर दिया है। कुछ दिन पहले पोलैंड की सीमा में रूसी ड्रोन की घुसपैठ को वहां के अधिकारियों ने “जानबूझकर किया गया उकसावा” बताया। इसके बाद नाटो ने अपने पूर्वी हिस्से में एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत किया है।
नाटो महासचिव मार्क रुटे ने मास्को की हाइपरसोनिक मिसाइल क्षमताओं का हवाला देते हुए कहा, अब यह मान लेना सही नहीं होगा कि स्पेन या ब्रिटेन, एस्तोनिया या लिथुआनिया से ज्यादा सुरक्षित हैं।
पड़ोसी देशों की बढ़ी चिंता
फरवरी 2022 में रूस का यूक्रेन पर हमला भी बेलारूस के साथ सैन्य अभ्यास के तुरंत बाद हुआ था। इस बार भी अभ्यास की प्रकृति और समय ने पोलैंड, लातविया और लिथुआनिया जैसे नाटो सदस्य देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जो बेलारूस की पश्चिमी सीमा से सटे हैं।