चंडीगढ़ | आदर्श रामलीला ड्रामाटिक क्लब द्वारा रविवार रात श्रीराम और सीता जन्म का भव्य मंचन किया गया। मंचन की शुरुआत अयोध्या नरेश दशरथ की पुत्र-प्राप्ति की व्याकुलता से हुई, जहां ऋषि वशिष्ठ ने श्रृंगी ऋषि के माध्यम से यज्ञ करवाकर पुत्र प्राप्ति का उपाय सुझाया। यज्ञ के फलस्वरूप राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के जन्म का दृश्य बड़े ही भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया।
इसी क्रम में जनकपुरी में सीता जी के जन्म का मंचन हुआ। कथा के अनुसार, राजा जनक द्वारा खेत जोतते समय धरती से माता सीता प्रकट हुईं। वहीं दूसरी ओर, वनों में बढ़ते राक्षसी आतंक के कारण विश्वामित्र की तपस्या भंग होने का दृश्य भी दिखाया गया। इस पर विश्वामित्र ने दशरथ दरबार जाकर राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने का आग्रह किया। आरंभ में दशरथ असहज नजर आए, लेकिन अंततः उन्होंने दोनों पुत्रों को राक्षस वध हेतु भेजने की अनुमति दे दी।
कलाकारों की शानदार प्रस्तुति
- दशरथ – पवन शर्मा
- जनक – कृष्ण चौहान
- राम – कुबेर आनंद
- लक्ष्मण – हर्षित सक्सेना
- वशिष्ठ – कृष्णा शर्मा
- विश्वामित्र – सुनील कुमार
- सुमंत – लविश अरोरा
- मारीच – शहबाज खान
- सुबाहु – सचिन सक्सेना
- अन्य कलाकार – दर्पण, सक्षम, जतिन शर्मा, आदित्य, शिखर सक्सेना, आर्यन
सभी कलाकारों ने अपने किरदार को बेहद जीवंतता और भावनाओं से निभाया। मंचन के दौरान पूरा मैदान “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा और दर्शक रामकथा के पावन प्रसंगों में मंत्रमुग्ध हो गए।