चंडीगढ़ | हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह आज एडीजीपी वाई. पूरन कुमार के निधन पर शोक व्यक्त करने और श्रद्धांजलि अर्पित करने उनके निवास पर पहुंचेंगे। एडीजीपी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह घटना न केवल प्रशासनिक तंत्र की विफलता को दर्शाती है, बल्कि यह समाज में दलित अधिकारियों के प्रति भेदभाव की गहरी जड़ें उजागर करती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दिवंगत अधिकारी के परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए हरियाणा की भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि क्या राज्य की सरकार में कानून, सामाजिक न्याय और प्रशासनिक व्यवस्था इतनी कमजोर या पक्षपातपूर्ण हो चुकी है कि एडीजीपी जैसे वरिष्ठ दलित आईपीएस अधिकारी को भी न्याय नहीं मिल सका?
राव नरेंद्र सिंह ने सवाल उठाया कि क्या उनकी शिकायतों पर कभी सुनवाई नहीं हुई? उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से दलित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ भेदभाव, पदोन्नति में पक्षपात और सार्वजनिक रूप से अपमान जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो व्यवस्था नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनी है, वही दलित वर्ग के अधिकारियों के सम्मान और अधिकारों की अनदेखी कर रही है।