चंडीगढ़ | हरियाणा में मौसम अब धीरे-धीरे करवट ले रहा है। पिछले कुछ दिनों से रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह और देर शाम ठंडक महसूस होने लगी है। इसका मुख्य कारण पहाड़ों की ओर से चल रही ठंडी उत्तरी हवाएं हैं। हालांकि, दिन के समय तेज धूप के चलते अधिकतम तापमान अभी भी लगभग 33 डिग्री सेल्सियस तक बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले छह दिनों से न्यूनतम तापमान में गिरावट का क्रम जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर कम होगा, ठंड का असर और बढ़ेगा। अनुमान है कि नवंबर से दिन में भी ठंडक महसूस होने लगेगी, और अगर अक्टूबर के अंत तक मौसम शुष्क रहा तो न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। उदाहरण के तौर पर, महेंद्रगढ़ में रात का तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक डॉ. शिवेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। इसका मुख्य कारण अक्टूबर के पहले सप्ताह में हुई बारिश है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में लगभग 30 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो इस मौसम के लिए एक रिकॉर्ड मानी जा रही है।
कृषि के लिए अनुकूल मौसम
मौसम की यह स्थिति किसानों के लिए राहत भरी है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, 17 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि दिन में धूप और रात में ठंडक का यह संतुलन सरसों की बुआई के लिए आदर्श है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि में अच्छी किस्म की सरसों की बुआई करें, जिससे बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके।