चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ एक नवंबर से लागू होने जा रही है, लेकिन लॉन्च से पहले ही योजना की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। सरकार के अनुमान के मुताबिक जहां 20 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना के लिए पात्र थीं, वहीं अब तक केवल साढ़े छह लाख महिलाओं ने आवेदन किया है।
अधिकारियों का मानना है कि योजना को लेकर महिलाओं में जानकारी की कमी और कुछ भ्रांतियों के कारण आवेदन संख्या बेहद कम रही है। इस योजना का संचालन समाज कल्याण, पंचायत और खेल विभाग संयुक्त रूप से कर रहे हैं।
राशन कार्ड कटने का डर बना बड़ी रुकावट
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को बताया कि कई महिलाएं यह आशंका जता रही हैं कि योजना का लाभ लेने पर उनका गुलाबी या पीला राशन कार्ड कट सकता है।
हरियाणा में—
- ₹25,000 से ₹50,000 वार्षिक आय वाले परिवारों को गुलाबी कार्ड दिए जाते हैं।
- ₹50,000 से ₹1.80 लाख आय वाले परिवारों को पीले (बीपीएल) कार्ड मिलते हैं।
- ₹1.80 लाख से अधिक आय वालों के पास हरा (एपीएल) कार्ड होता है।
गुलाबी कार्ड धारकों को 35 किलो गेहूं और कई अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। महिलाओं को डर है कि ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ के तहत मिलने वाली ₹2100 मासिक राशि उनकी कुल आय में जुड़ जाएगी, जिससे वे अंत्योदय या बीपीएल सूची से बाहर हो सकती हैं।
25 सितंबर को हुआ था पोर्टल लॉन्च
सरकार ने 25 सितंबर को योजना का पोर्टल लॉन्च किया था और दावा किया था कि यह योजना 20 लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित करेगी। इसके लिए जिला स्तर पर विशेष शिविर भी लगाए गए थे, लेकिन 25 अक्टूबर तक केवल 6.20 लाख महिलाओं ने आवेदन किया। सरकार चाहती है कि 1 नवंबर से पात्र महिलाओं के खातों में ₹2100 प्रति माह की राशि भेजनी शुरू की जाए।
नियमों में बदलाव की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, सरकार अब योजना को तय समय पर लागू करने के साथ-साथ इसके नियमों की समीक्षा करने पर भी विचार कर रही है ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं लाभ उठा सकें।