चुराह विधायक पर लगे आरोपों में नया मोड़… कांग्रेस ने उठाए सवाल, पीड़िता के पिता ने लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
Chamba, Manjur
हिमाचल प्रदेश के चुराह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। जहां एक ओर हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने चंबा के एसपी से रिपोर्ट तलब की है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के युवा नेता यशवंत सिंह खन्ना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
यशवंत सिंह खन्ना ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि क्षेत्र की बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक साल पहले विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाली लड़की और उसके पिता पर दबाव बनाकर उनके बयान बदलवाए गए। खन्ना ने कहा कि यह अत्यंत चिंता का विषय है कि जब बेटियां न्याय की उम्मीद करती हैं, तो उन्हें ही डराया और धमकाया जाता है।
यशवंत सिंह खन्ना ने बताया कि पीड़िता ने पहले तीसा कोर्ट में बयान दिए थे, लेकिन उसके बाद कथित रूप से विधायक के लोगों ने पिता-पुत्री को शिमला और बद्दी ले जाकर दबाव डाला। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है और वे डीसी चंबा के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डीजीपी हिमाचल प्रदेश, महिला आयोग सहित भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा तक ज्ञापन भेजेंगे।
खन्ना ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राष्ट्रीय महिला आयोग, अल्पसंख्यक मंत्रालय और गृह मंत्री अमित शाह को भी इस मामले की पूरी जानकारी दी जाएगी ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।
यशवंत सिंह खन्ना, युवा कांग्रेस नेता, चुराह
“यह किसी एक धर्म या समुदाय की बात नहीं, बल्कि हर बेटी की सुरक्षा का सवाल है। अगर विधायक पर आरोप लगते हैं और उसके बावजूद पीड़ित परिवार को धमकाया जाता है, तो यह लोकतंत्र पर प्रश्नचिह्न है। सरकार को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।”
वहीं, पीड़ित लड़की के पिता ताज मोहम्मद ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के बयान देने के बाद उन्हें और उनकी बेटी को कथित रूप से शिमला और बद्दी ले जाकर धमकाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक की पत्नी ने भी उन्हें डराने की कोशिश की और कहा कि “2027 में भाजपा की सरकार बनेगी, तब बदला लिया जाएगा।
“हमने सिर्फ न्याय मांगा था, लेकिन हमें डराया गया कि घर जला देंगे। हमें दो बार कोर्ट में पेश कर बयान बदलवाने का दबाव डाला गया। अब मुख्यमंत्री से मांग है कि हमें न्याय दिलाया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो।”