चंडीगढ़ | हरियाणा ने जल संरक्षण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता साबित की है। नेशनल वाटर अवॉर्ड्स 2024 में राज्य को तीन अलग-अलग श्रेणियों में कुल चार पुरस्कार मिले हैं। ये पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा 18 नवंबर को प्रदान किए जाएंगे।
राज्य को ‘बेस्ट स्टेट’ कैटेगरी में तीसरा स्थान मिला, जबकि हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय को ‘बेस्ट इंस्टीट्यूट’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उद्योग क्षेत्र में हीरो मोटो-कार्प लिमिटेड (गुरुग्राम) और झज्जर पावर लिमिटेड को क्रमशः दूसरा और तीसरा पुरस्कार मिला।
जल संरक्षण में हरियाणा की उपलब्धियां
हरियाणा की यह सफलता राज्य सरकार की ‘जल ही जीवन है’ अभियान, सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं, वर्षा जल संचयन, और सिंचाई दक्षता सुधार की नीतियों का परिणाम है।
नेशनल वाटर अवॉर्ड्स में राज्यों का प्रदर्शन इस आधार पर मापा जाता है कि वे जल संसाधनों का संरक्षण, प्रबंधन और सतत उपयोग किस हद तक सुनिश्चित कर रहे हैं।
राष्ट्रीय परिणामों के अनुसार —
- महाराष्ट्र: पहला स्थान
- गुजरात: दूसरा स्थान
- हरियाणा: तीसरा स्थान
यह उपलब्धि हरियाणा की कृषि जल प्रबंधन योजनाओं, ग्रामीण जल संरचना निर्माण और सस्टेनेबल वाटर मैनेजमेंट के प्रयासों की सफलता को दर्शाती है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय को मिला ‘बेस्ट इंस्टीट्यूट’ पुरस्कार
‘बेस्ट इंस्टीट्यूट (स्कूल और कॉलेज को छोड़कर)’ श्रेणी में हरियाणा को पहला स्थान (संयुक्त विजेता) मिला।
विश्वविद्यालय को जल संरक्षण और कृषि जल प्रबंधन में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए यह सम्मान दिया गया।
इस श्रेणी में राज्य के साथ चयनित अन्य संस्थान हैं:
- IIT गांधीनगर, गुजरात
- ICAR, गोवा
- बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, राजस्थान
- इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, जम्मू-कश्मीर
- असम राइफल्स, मणिपुर
- रिजनल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट, ब्रह्मपुर सर्कल, उड़ीसा
‘बेस्ट इंडस्ट्री’ में हरियाणा ने चमकाया
‘बेस्ट इंडस्ट्री’ श्रेणी में हरियाणा का शानदार प्रदर्शन रहा।
- हीरो मोटो-कार्प लिमिटेड, गुरुग्राम: दूसरा स्थान
- झज्जर पावर लिमिटेड: तीसरा स्थान
इस श्रेणी में प्रथम स्थान अपोलो टायर्स लिमिटेड, तमिलनाडु को मिला।
इन पुरस्कारों के माध्यम से उद्योगों को जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और सतत प्रबंधन के लिए प्रेरित किया जाता है।
राज्य सरकार की पहलें और मॉडल
हरियाणा सरकार ने जल संरक्षण को लेकर कई योजनाएं और कार्यक्रम लागू किए हैं:
- ‘जल ही जीवन है’ अभियान: जल संरक्षण और पानी बचाने के लिए जागरूकता अभियान
- सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं: ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई द्वारा पानी की बचत
- वर्षा जल संचयन संरचनाएं: गांव और कृषि क्षेत्रों में वर्षा जल संग्रहण
- सस्टेनेबल वाटर मैनेजमेंट: पानी के प्रभावी उपयोग और कृषि जल प्रबंधन
विशेषज्ञ मानते हैं कि हरियाणा का यह मॉडल देशभर के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है।