Mandi, Dharamveer
आईआईटी मंडी के 13वें दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले छात्रों ने संस्थान में बिताए यादगार पलों को साझा करते हुए कहा कि आईआईटी मंडी ने उनकी जिंदगी को नई दिशा और अनगिनत अवसर दिए। संस्थान से निकलकर कोई गूगल में लाखों का पैकेज कमा रहा है, तो कोई विदेश में उच्च शिक्षा का नया सफर शुरू कर चुका है, लेकिन सभी की जुबान पर एक ही बात—आईआईटी मंडी ने जिंदगी में लाखों रंग भरे।
सोनीपत, हरियाणा की रिया अरोड़ा, जिन्हें President of India Gold Medal और Institute Silver Medal दोनों से सम्मानित किया गया, वर्तमान में गूगल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और 57 लाख वार्षिक पैकेज प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता का श्रेय आईआईटी मंडी को जाता है, जिसने उन्हें बेहतर अवसर, उत्कृष्ट माहौल और गहरी सीख दी। रिया का कहना है कि उनके सहपाठी भी आज देश-विदेश में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के वैभव केशवानी, जिन्हें Director Gold Medal से नवाजा गया, इस समय मुंबई की ब्राउज़र स्टैक कंपनी में 22 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर कार्यरत हैं। वैभव ने बताया कि आईआईटी मंडी ने शिक्षा के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी भाग लेने का अवसर दिया, जिससे उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा। उन्होंने कहा कि भविष्य में वे अपना स्टार्टअप स्थापित करना चाहते हैं और जूनियर छात्रों को भी स्वरोजगार की राह चुनने की प्रेरणा दी।वहीं हरियाणा के रतिया निवासी भव्या, जिन्होंने आईआईटी मंडी से एमएससी फिजिक्स की पढ़ाई की, वर्तमान में सिंगापुर में पीएचडी कर रहे हैं। उन्हें भी संस्थान गोल्ड और सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। भव्या ने कहा कि संस्थान में बिताए दो साल उनकी जिंदगी की अनमोल और अविस्मरणीय यादें हैं।समारोह में कुल 604 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि 19 छात्रों को अकादमिक और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मेडल दिए गए, जिनमें तीन गोल्ड मेडल शामिल हैं।