रोहतक। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में वांछित अनमोल बिश्नोई के फर्जी पासपोर्ट का खुलासा होने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) इस पासपोर्ट से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पर गुरुवार को एक पासपोर्ट वायरल हुआ, जो भानु प्रताप नाम से जारी दिखाया गया। दस्तावेज़ में जन्मस्थान रोहतक और पता फरीदाबाद सेक्टर-82 दर्ज किया गया है। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह पासपोर्ट फर्जी तरीके से 29 अक्टूबर 2021 को बनवाया गया था।
CIA रोहतक का बयान: शहर से नहीं कोई संबंध
इस वायरल पासपोर्ट में जन्मस्थान रोहतक दिखाए जाने के बाद खुफिया और स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई। हालांकि, प्रारंभिक जांच में रोहतक पुलिस ने साफ कर दिया कि:
- अनमोल बिश्नोई का रोहतक से कोई संबंध नहीं मिला
- रोहतक में उसके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है
- पासपोर्ट में दर्ज जन्मस्थान को फर्जी एंट्री माना जा रहा है
CIA द्वितीय प्रभारी सतीश कादयान ने बताया कि दस्तावेज़ में दर्ज विवरण पूरी तरह फर्जी प्रतीत हो रहा है और जन्मस्थान रोहतक दिखाना केवल “पहचान छिपाने का प्रयास” लगता है।
एनआईए की पूछताछ जारी
एनआईए की टीम अनमोल बिश्नोई से पासपोर्ट की फर्जी पहचान, इस्तेमाल किए गए नेटवर्क, एजेंटों और विदेश में उसकी गतिविधियों को लेकर पूछताछ कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि:
- पासपोर्ट किस तरह और किसके माध्यम से तैयार कराया गया
- दस्तावेज़ जारी करने में किन अधिकारियों की मिलीभगत रही
- फर्जी पहचान का इस्तेमाल किन-किन देशों में किया गया
सूत्रों के अनुसार, पासपोर्ट मामले ने जांच को नया मोड़ दे दिया है क्योंकि यह भारत से बाहर गैंगस्टर की गतिविधियों के बड़े नेटवर्क की ओर संकेत करता है।
अधिकारियों का कहना है कि पासपोर्ट में दर्ज जन्मस्थान और पता—दोनों फर्जी होने के कारण मामले की दिशा और गंभीर हो गई है। जांच टीमें इसकी सत्यता और इससे जुड़े पूरे मॉड्यूल की तह तक जाने में जुटी हैं।