पंचकूला। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से जुड़े बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को अमेरिका स्थित गवाह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दर्ज नहीं हो सकी। तकनीकी और प्रशासनिक खामियों के कारण महत्वपूर्ण सुनवाई फिर टल गई, जिसके बाद अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को फटकार लगाते हुए अधिक सक्रिय होने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान CBI के डिप्टी एसपी ने अदालत को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय कई बार अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस से संपर्क साध चुका है, लेकिन वहां से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। इस कारण निर्धारित तारीख पर गवाही दर्ज करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। वहीं, CBI द्वारा गवाही रिकॉर्ड करने के लिए लाए गए उपकरण अदालत के सिस्टम में चल नहीं पाए, जिससे तकनीकी बाधा भी सामने आई। तकनीकी विंग ने बताया कि संबंधित वेंडर लगभग एक सप्ताह में कंपैटिबल डिवाइस उपलब्ध कराएगा।
इस बीच शिकायतकर्ता के वकील नवकिरन सिंह ने CBI पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गवाह अमेरिका से गवाही देने के लिए पूरी तरह तैयार है और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से इसकी अनुमति भी मिल चुकी है। इसके बावजूद CBI ने गवाह को आवश्यक सूचना नहीं भेजी, जिससे यह देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि एजेंसी की लापरवाही मामले की सुनवाई को प्रभावित कर रही है।
अदालत ने CBI से यह स्पष्ट करने को भी कहा कि क्या अमेरिकी विभाग की मदद के बिना भारतीय दूतावास की सहायता से गवाही रिकॉर्ड कराना संभव है। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट, गाइडलाइन और प्रक्रिया अदालत को 21 नवंबर तक सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
अदालत ने मामले में हो रही देरी पर चिंता जताई। 2018 में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब तक 92 में से केवल 12 गवाहों की गवाही दर्ज हो पाई है, जिसे अदालत ने गंभीर लापरवाही माना। अदालत ने निर्देश दिए कि सुनवाई की गति बढ़ाई जाए और भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।