Dharamshala, Rahul chawla-:दुबई एयर शो के दौरान हुए तेजस विमान हादसे में शहीद हुए भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर नमांश स्याल की पार्थिव देह रविवार को कांगड़ा पहुंची। गग्गल हवाई अड्डे पर भारतीय वायुसेना, सेना और स्थानीय प्रशासन ने शहीद को पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सैकड़ों युवाओं की बाइक रैली के साथ पार्थिव देह उनके पैतृक गांव पटियालकड़ के लिए रवाना हुई। मार्गभर हजारों लोग सड़क किनारे खड़े होकर नम आंखों से अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन करते रहे।
मां ने कहा, “बेटे को डिब्बे में लेकर आई… गोद खाली हो गई, आंगन सूना हो गया”
पटियालकड़ पहुंचते ही गांव “नमांश अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा। हर घर की चौखट से लेकर गांव के चौक तक मातम का माहौल था, पर गर्व से भरा हुआ भी, क्योंकि गांव का बेटा देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देकर मातृभूमि का मान बढ़ा गया। हजारों लोगों की मौजूदगी में विंग कमांडर नमांश स्याल का अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ किया गया।शहीद की मां के शब्दों ने हर किसी को भावुक कर दिया। संताप से टूटी मां ने कहा, “बेटे को डिब्बे में लेकर आई… गोद खाली हो गई, आंगन सूना हो गया।” उनकी पीड़ा सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो उठीं।
दिनभर श्रद्धांजलि देने वालों का सिलसिला जारी रहा
दिनभर श्रद्धांजलि देने वालों का सिलसिला जारी रहा। प्रदेश सरकार की ओर से खेल, कानून एवं विधि मंत्री यादविंद्र गोमा और कैबिनेट रैंक आरएसएस बाली ने पहुंचकर शहीद को अंतिम नमन किया। जिलाधीश हेमराज बैरबा, एसपी देहरा मयंक चौधरी, एसडीएम मुनीष शर्मा सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने भी श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता विपिन सिंह परमार ने गांव पहुंचकर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश ने एक अत्यंत साहसी, निडर और कर्तव्यनिष्ठ पायलट खोया है, जिसका समर्पण युवाओं को प्रेरित करता रहेगा।
पूर्व विधायक अरुण कूका, विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और क्षेत्र के हजारों लोगों ने शहीद को अंतिम विदाई दी। गांव में गहरा शोक व्याप्त है, लेकिन साथ ही यह गर्व भी कि बेटा मातृभूमि की रक्षा में वीरगति को प्राप्त हुआ।
विंग कमांडर नमांश स्याल का बलिदान न केवल क्षेत्र, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश और देश के लिए अविस्मरणीय है। देशभक्ति, साहस और अनुशासन का उनका उदाहरण सदैव स्मरणीय रहेगा।