भिवानी | भिवानी की टीचर मनीषा की मौत का रहस्य एक बार फिर गहराता जा रहा है। परिवार ने बड़ा दावा किया है कि CBI अब मामले को ‘हत्या’ के रूप में देख रही है और आत्महत्या की संभावना को लगभग खारिज कर चुकी है। पीड़िता के पिता संजय ने बताया कि जांच एजेंसी ने उन्हें आश्वस्त किया है कि जल्द ही महत्वपूर्ण खुलासा किया जाएगा।
AIIMS की रिपोर्ट ने रोहतक PGI की ‘सुसाइड थ्योरी’ को नकारा
मनीषा का पोस्टमॉर्टम रोहतक PGI में तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने किया था, जिसमें शरीर से मोनो-क्लोरफॉस नामक कीटनाशक मिलने के आधार पर इसे आत्महत्या बताया गया। हालांकि, परिवार के लगातार विरोध और सवालों के चलते दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमॉर्टम हुआ। संजय के अनुसार:
- AIIMS की रिपोर्ट ने PGI की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है।
- CBI ने बताया है कि सुसाइड नोट, कॉल डिटेल और मेडिकल रिपोर्ट की मिलान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
- एजेंसी इस केस को हत्या की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
परिवार ने उठाए सवाल, कहा—हम पर संलिप्तता का आरोप गलत
पिता संजय ने कहा कि परिवार पर संलिप्तता के आरोप लगाया जाना दुखद है। उन्होंने कहा, “अगर हम ही शामिल होते तो न्याय के लिए धरने पर क्यों बैठते?” गांव ढाणी लक्ष्मण में परिवार और ग्रामीण रविवार को सांकेतिक धरने पर बैठे, जहां उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
CBI की जांच की वर्तमान स्थिति
- CBI अब तक 4–5 बार परिवार से पूछताछ कर चुकी है।
- टीम भिवानी के कई दौरे कर चुकी है और तकनीकी व साइंटिफिक एविडेंस इकट्ठा कर चुकी है।
- अभी तक एजेंसी ने आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन परिवार को ‘महत्वपूर्ण प्रगति’ की जानकारी दी है।
घटना का बैकग्राउंड
मनीषा 11 अगस्त को प्ले स्कूल ड्यूटी पर गई थी और इसके बाद नर्सिंग कॉलेज एडमिशन के लिए निकली थी।
13 अगस्त को उसका शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला। पुलिस ने इसे पहले हत्या बताया, फिर आत्महत्या बताया, जिसके बाद विरोध तेज हुआ और मामला CBI को सौंपा गया। परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही CBI सच सामने लाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।