Dharamshala, Rahul-:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुख्खू ने सोमवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान चिट्टा माफिया पर बड़ा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि नशे का कारोबार प्रदेश को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है और उनकी सरकार इसे जड़ से खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की लड़ाई है, और इस लड़ाई को जीतने के लिए जनता, मीडिया और सभी राजनीतिक दलों का सहयोग बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने नशे के कारोबार को रोकने के लिए कानूनों को पहले से अधिक कड़ा बनाया है, ताकि किसी भी स्तर पर ढिलाई न हो। उन्होंने कहा कि चिट्टा बेचने वाले, सप्लाई चेन का हिस्सा बनने वाले या इस नेटवर्क को संरक्षण देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पिछले कुछ महीनों में पुलिस और विशेष जांच टीमों ने नशे के नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, चिट्टा कारोबार से कमाए गए धन से खड़ी की गई संपत्तियों को भी सील किया गया है, ताकि माफिया की आर्थिक ताकत को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
सुख्खू ने घोषणा की कि अब नशे के खिलाफ जागरूकता को व्यापक स्तर पर फैलाने के लिए विधानसभा परिसर में “नशे पर मैराथन” का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, युवा संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक नशे के खिलाफ एक जन आंदोलन खड़ा नहीं होगा, तब तक इस समस्या को पूरी तरह समाप्त करना मुश्किल होगा। इसलिए सरकार चाहती है कि जागरूकता, कड़े कानून और लगातार कार्रवाई—इन तीनों मोर्चों पर एक साथ काम किया जाए।
मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुख्खू ने कहा,“हमने ठान लिया है कि चिट्टा माफिया को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। कानून को और कठोर किया है, कई आरोपियों को पकड़ा गया है, उनकी अवैध संपत्तियां ज़ब्त हो रही हैं। अब जागरूकता को जनांदोलन बनाने के लिए विधानसभा में ‘नशामुक्ति मैराथन’ का आयोजन करेंगे। मैं समाज, पत्रकारों और सभी राजनीतिक दलों से अपील करता हूं कि नशामुक्त हिमाचल बनाने के इस अभियान में एक साथ आएं।”