अंबाला। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में अधूरे और गड़बड़ियों से घिरे निर्माण कार्यों पर बड़ा कदम उठाते हुए PWD विभाग के दो एक्सईएन और एक जेई को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारी अंबाला के लखनौर साहिब में निर्माणाधीन वेटरनिटी डिप्लोमा कॉलेज से जुड़े करोड़ों रुपये की अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं।
70% काम पूरा, फिर भी चार साल लेट
11.45 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत वाला यह प्रोजेक्ट मार्च 2019 में शुरू हुआ था और इसे 31 अगस्त 2020 तक पूरा होना था, लेकिन आज तक केवल 70% काम ही हो पाया। जांच में पता चला कि ठेकेदार कंपनी को बिना काम किए भी अतिरिक्त पेमेंट जारी की गई थी। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए
- एक एक्सईएन (वर्तमान में यमुनानगर तैनात),
- दूसरा एक्सईएन (रोहतक में तैनात), और
- एक जेई (अंबाला)
को निलंबित किया गया है।
कई प्रोजेक्टों में अनियमितताओं के सुराग
सरकारी जांच में पाया गया कि सिर्फ इस कॉलेज प्रोजेक्ट में ही नहीं, बल्कि अंबाला के कई निर्माण कार्यों में फर्जी बिलिंग और अतिरिक्त भुगतान किया गया था।
सबसे बड़े मामलों में शामिल हैं—
- अंबाला कैंट का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल स्टेडियम (90% निर्माण पूरा), जहां करोड़ों के फर्जी बिल पास किए गए।
- अंबाला शहर का लघु सचिवालय, जहां अवैध भुगतान का मामला सामने आया।
इन प्रोजेक्टों में भी सस्पेंड किए गए अधिकारी पहले आरोपों के घेरे में आ चुके हैं।
टेंडर रद्द, नई कंपनी को मिलेगा काम
वेटरनिटी कॉलेज प्रोजेक्ट का पुराना टेंडर रद्द कर दिया गया है और शेष 30% कार्य पूरा करने के लिए नया टेंडर अलॉट किया जा रहा है। इसी तरह पैरामेडिकल कॉलोनी और अन्य निर्माण कार्य भी नई कंपनियों को सौंपे जा रहे हैं।
अब नहीं बढ़ेगी एग्रीमेंट अमाउंट से ज्यादा लागत
लगातार घोटालों के बाद राज्य सरकार ने विभागों को स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि—
- किसी भी प्रोजेक्ट की लागत एग्रीमेंट अमाउंट से अधिक बढ़ाने पर सख्त नियंत्रण रहेगा।
- राशि बढ़ाने के लिए उच्च अधिकारियों से विस्तृत अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।
- यह नियम केवल PWD ही नहीं, राज्य के सभी निर्माण विभागों पर लागू होगा।
CM सैनी ने कहा कि अधूरे और भ्रष्टाचारग्रस्त प्रोजेक्ट जनता के पैसे के साथ सीधा खिलवाड़ हैं और ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।