हिसार। देशभर के लोको पायलटों द्वारा अपनी मांगों को लेकर शुरू की गई 48 घंटे की भूख हड़ताल गुरुवार सुबह समाप्त हो गई। हिसार रेलवे स्टेशन पर ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के नेतृत्व में लोको पायलटों ने जूस पीकर उपवास तोड़ा। यह हड़ताल 2 दिसंबर सुबह 10 बजे शुरू हुई थी।
उपवास के बावजूद सभी लोको पायलट अपनी ड्यूटी पर तैनात रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार लंबी शिफ्ट और उचित आराम न मिलने से हादसों का जोखिम बढ़ रहा है, इसलिए काम की परिस्थितियों में तत्काल सुधार आवश्यक है।
मांगें , कार्य समय सीमित, पर्याप्त विश्राम और रिक्त पदों पर भर्ती
लोको पायलट आशीष ने बताया कि मुख्य मांगों में शामिल हैं—
- ड्यूटी समय को अधिकतम 8 घंटे तक सीमित किया जाए
- हर सप्ताह 46 घंटे का अनिवार्य विश्राम दिया जाए
- लगातार केवल दो नाइट ड्यूटी लगाई जाए
- रिक्त पदों पर तुरंत भर्ती की जाए
- आराम से जुड़ी मौजूदा नियमावली का रेलवे द्वारा कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए
लोको पायलटों का आरोप है कि उन्हें न तो 16 घंटे का अनिवार्य दैनिक विश्राम मिल रहा है और न ही 30 घंटे का साप्ताहिक अवकाश। इसके बजाय कई बार 12–14 घंटे तक लगातार ड्यूटी करवाई जाती है, जिससे थकान के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
“लोको पायलट रेलवे की रीढ़, हम फ्रंटलाइनर हैं”
जोनल ज्वाइंट सेक्रेटरी आशीष चौधरी ने कहा कि उपवास के बावजूद लोको पायलटों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ड्यूटी की और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा, “लोको पायलट रेलवे की रीढ़ हैं। यदि रीढ़ मजबूत होगी तभी व्यवस्था सुरक्षित और सुचारु चलेगी। रेलवे हमारी मांगों को गंभीरता से ले और तत्काल समाधान सुनिश्चित करे।”
हड़ताल खत्म होने के बाद भी लोको पायलटों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।