हिसार। हरियाणा की नामचीन महिला पहलवान और 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स की रजत पदक विजेता निर्मला बूरा को हिसार के गांव उमरा में 4 और 5 दिसंबर को आयोजित हरियाणा स्टेट सीनियर फ्रीस्टाइल कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेने से रोक दिया गया। इस घटना ने खेल जगत में खासी नाराजगी और चर्चा पैदा कर दी है।
निर्मला बूरा का विरोध और बयान
निर्मला बूरा हरियाणा पुलिस की तरफ से इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं और पिछले 20 साल से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर लगातार खेल रही हैं। उन्होंने बताया:
“मैं 2003 से हरियाणा पुलिस की टीम से स्टेट चैंपियनशिप खेलती आ रही हूं। इस बार भी विभाग ने सभी जरूरी कागजात समय पर भेज दिए थे। इसके बावजूद मुझे बिना कोई ठोस कारण बताए रोका गया। यह मेरे साथ अन्याय है। कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने के बावजूद प्रदेश में मुझे इस तरह अपमानित किया जा रहा है, जो बहुत दुखद है।”
निर्मला ने आयोजकों और रेसलिंग हरियाणा एसोसिएशन के पदाधिकारियों से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और उन्हें खेलने की अनुमति देने की मांग की है।
प्रतियोगिता में रोके जाने का मामला
चैंपियनशिप के पहले दिन गुरुवार को फ्रीस्टाइल मुकाबले शुरू हुए। निर्मला जब सुबह वेट-इन और मुकाबले के लिए पहुंचीं, तो आयोजकों ने उनका एंट्री कार्ड देने से साफ मना कर दिया।
उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस ने पहले ही उनके नामांकन पत्र एसोसिएशन को भेज दिए थे और ई-मेल के माध्यम से भी पुष्टि की थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
इस घटना ने खेल जगत में नाराजगी बढ़ा दी है। फिलहाल आयोजकों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।