पलवल, हरियाणा। हरियाणा की सियासत में पलवल जिला इन दिनों दो नेताओं की बयानबाजी के कारण चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मामला पूर्व मंत्री करन दलाल और खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम के बीच हाई कोर्ट में विचाराधीन केस से जुड़ा है। दोनों नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समर्थकों के बीच चल रही बहस ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
विवाद की पृष्ठभूमि
अक्टूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान पूर्व मंत्री करन दलाल ने भाजपा प्रत्याशी और खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम पर धर्म के नाम पर वोट मांगने का आरोप लगाया था। करन दलाल ने इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताया। इसके बाद लगभग एक साल तक मामला सुनवाई के लिए हाई कोर्ट में चला।
गौरव गौतम ने इस आरोप को निराधार बताते हुए अदालत में याचिका दाखिल की कि यह मामला गलत है और पूर्व मंत्री करन दलाल की याचिका को खारिज किया जाए। अदालत ने गौरव गौतम की याचिका खारिज कर केस को आगे चलाने की अनुमति दी।
मीडिया में बयानबाजी
28 नवंबर को अदालत के निर्णय के बाद गौरव गौतम ने पत्रकारों से कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है, लेकिन कांग्रेस नेता मीडिया में उलूल-जलूल बयान दे रहे हैं। गौरव गौतम ने करन दलाल का नाम लिए बिना कहा कि “हमने पलवल को झूठे मुकदमों से मुक्त किया, और कुछ कांग्रेस नेताओं में बड़े-छोटे की शर्म नहीं है।”
इसके जवाब में पूर्व मंत्री करन दलाल ने बेबाक अंदाज में खेल राज्यमंत्री पर हमला किया। उन्होंने गौरव गौतम को कायर और अवैध धंधों का कमीशनखोर बताया और कहा कि आज भाजपा के कमजोर प्रतिनिधि पलवल की धाक को कम करने के लिए चापलूसी कर रहे हैं।
अदालत की कार्रवाई और आगामी तारीख
वीरवार को अदालत में करन दलाल पक्ष के वकील मोहन जैन और दीप करण दलाल ने रिप्लिकेशन और इश्यू की सूची दाखिल की। गौरव गौतम पक्ष के अधिवक्ताओं ने इश्यू फ्रेम के लिए समय मांगा। अदालत ने अब 9 दिसंबर की तारीख तय की है। इस दिन गौरव गौतम पक्ष को इश्यू फ्रेम और गवाहों की सूची प्रस्तुत करनी होगी, जबकि करन दलाल पक्ष गवाहों की सूची दाखिल करेगा।