Chamba, Manjur Pathan-:चुराह विधानसभा क्षेत्र का कांगेला गांव आज भी मूलभूत सड़क सुविधा से वंचित है। आज़ादी के 75 वर्ष बाद भी इस गांव तक सड़क न पहुंच पाना एक ऐसे तंत्र की पोल खोल देता है, जिसकी लापरवाही का खामियाजा यहां की जनता दशकों से भुगत रही है। 500 से अधिक आबादी वाला यह गांव कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजारने को मजबूर है। बीमार व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं तक को पांच से छह किलोमीटर दूर सड़क तक पालकी के सहारे ले जाना पड़ता है। कई बार गंभीर मरीज समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण जान भी गंवा देते हैं, लेकिन सरकारों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान अब तक इस ओर नहीं गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतते ही उन्हें गांव की समस्याएं याद नहीं रहतीं। गांववासियों को रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भी खच्चरों के सहारे मंगवाना पड़ता है, जिसके लिए 300 से 500 रुपये तक प्रति यात्रा देना पड़ता है। यह स्थिति न केवल आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, बल्कि लोगों के जीवन को बेहद कठिन बना रही है।गांव के निवासियों ने सरकार से एक बार फिर गुहार लगाई है कि कांगेला को सड़क सुविधा से जल्द जोड़ा जाए। उनका कहना है कि कई वर्षों से मांग उठाई जा रही है, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। बिना सड़क के यहां तक विकास की कोई भी योजना प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पाती।स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सड़क सुविधा मिल जाए तो आपात स्थितियों में मरीजों की जान बचाई जा सकेगी और गांव आर्थिक व सामाजिक रूप से आगे बढ़ सकेगा। गांव में सड़क बनना न केवल जरूरत है बल्कि लोगों के जीवन में सुधार का पहला कदम भी साबित होगा।