कुरुक्षेत्र | हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने चौटाला परिवार को लेकर तीखा हमला बोला है। शाहाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दिग्विजय चौटाला और उनके परिवार पर अनावश्यक सुरक्षा लेने का आरोप लगाया। बेदी ने सवाल उठाया कि जब वे किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं, तो किस आधार पर सुरक्षा की मांग की जा रही है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सुरक्षा देने के लिए सरकार के स्पष्ट मानक तय हैं। विधायक, सांसद, राज्यसभा सदस्य, मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल जैसे पदों पर रहने वालों को ही सरकारी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय चौटाला न विधायक हैं, न सांसद और न ही राज्यसभा सदस्य, ऐसे में उन्हें सरकारी सुरक्षा का अधिकार नहीं बनता।
बेदी ने आरोप लगाया कि चौटाला परिवार केवल “टौर” दिखाने के लिए गनर रखना चाहता था। उन्होंने कहा कि अब तो उनकी पार्टी की स्थिति भी कमजोर हो चुकी है और चुनावों में उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यहां तक कि पार्टी के शीर्ष नेता भी सीमित वोटों में सिमट गए, ऐसे में सुरक्षा की मांग का कोई औचित्य नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी को वास्तव में जान का खतरा है तो वह सरकार के समक्ष आवेदन कर सकता है। आवश्यकता पड़ने पर तय मानकों के अनुसार सुरक्षा दी जाएगी, लेकिन इसके लिए भुगतान की व्यवस्था भी करनी होगी। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि सुरक्षा जरूरी है या नहीं।
कृष्ण बेदी ने चौटाला शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय आईएएस और आईपीएस अधिकारियों तक के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि तब प्रशासनिक अधिकारियों और आम लोगों पर अत्याचार हुए, जिसे प्रदेश की जनता आज भी नहीं भूली है।
कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि चौटाला परिवार के भीतर और बाहर दोनों जगह आपसी टकराव चल रहा है, जो स्वस्थ राजनीति का संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति में शालीनता और सम्मान जरूरी है, लेकिन चौटाला परिवार की बयानबाजी मर्यादाओं से बाहर रहती है।
कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए बेदी ने कहा कि पार्टी की स्थिति प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वोट चोरी हुई है तो इसके प्रमाण सामने लाए जाएं। बेदी ने दावा किया कि हरियाणा पुलिस और डीजीपी ने सुरक्षा हटाने का फैसला पूरी समीक्षा के बाद लिया है और सभी को उसे स्वीकार करना चाहिए।