मॉस्को | रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट किया है कि गाजा संघर्षविराम की निगरानी के लिए अमेरिका की अगुवाई वाले ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का कोई भी निर्णय केवल रणनीतिक साझेदारों की सलाह के बाद ही लिया जाएगा। पुतिन ने कहा कि इस संबंध में रूस के विदेश मंत्रालय को सभी दस्तावेज़ों का गहन अध्ययन करने, सहयोगी देशों से परामर्श करने और फिर ही किसी प्रतिक्रिया पर विचार करने का निर्देश दिया गया है।
ट्रंप को भेजा धन्यवाद
पुतिन ने कहा कि रूस हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बढ़ाने वाले प्रयासों का समर्थन करता रहा है और आगे भी करेगा। उन्होंने यूक्रेन संकट के समाधान में अमेरिकी प्रशासन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गाजा संघर्षविराम की निगरानी के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ प्रस्ताव भेजने के लिए धन्यवाद दिया। ट्रंप ने यह संकेत भी दिए कि यह बोर्ड भविष्य में आभासी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरह वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता कर सकता है।
गाजा पुनर्निर्माण और मानवीय सहायता
पुतिन ने कहा कि किसी भी समाधान में फिलिस्तीनियों के मूलभूत अधिकारों और आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसमें गाजा के पुनर्निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, जल आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा शामिल हैं। उन्होंने घोषणा की कि रूस गाजा में मानवीय प्रयासों के लिए 1 अरब डॉलर का दान देगा। पुतिन ने यह भी बताया कि वह इन मुद्दों पर फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से गुरुवार को बातचीत करेंगे।
रूस-अमेरिका शक्ति संतुलन
रूस ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका की अगुवाई वाली किसी भी व्यवस्था में स्वतंत्र और संतुलित रुख के बिना शामिल नहीं होगा। मॉस्को किसी भी अमेरिकी पहल को सीधे स्वीकार करने की बजाय पहले अपने रणनीतिक साझेदारों—चीन, ब्रिक्स और क्षेत्रीय सहयोगियों—से सलाह को प्राथमिकता देगा। यह रुख अमेरिका के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को संतुलित करने की रूस की नीति को दर्शाता है।
UN बनाम ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’
ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यह बोर्ड UN का विकल्प बन सकता है। हालांकि, पुतिन ने साफ किया कि किसी भी समाधान का आधार संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के दायरे में होना चाहिए, जिससे वैश्विक शांति और मध्यस्थता की प्रक्रिया बहुपक्षीय संस्थाओं के हाथ में बनी रहे।
गाजा में मानवीय संकट
गाजा में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, जल और भोजन की समस्या अब वैश्विक चिंता का विषय बन चुकी है। पुतिन के 1 अरब डॉलर के दान और पुनर्निर्माण के प्रस्ताव से रूस ने अपनी रणनीतिक भूमिका के साथ-साथ मानवीय नेतृत्व को भी रेखांकित किया। इस कदम से फलस्तीनी अधिकारों और वहां के नागरिकों के हितों पर रूस का समर्थन स्पष्ट होता है।