पंचकूला I महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के मूल स्वरूप में बदलाव और इसके नाम परिवर्तन को लेकर हरियाणा कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर “विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” कर दिया है, जिससे योजना के मूल उद्देश्य और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर पंचकूला में जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मनरेगा के मूल स्वरूप को बहाल करने, नाम परिवर्तन को रद्द करने और ग्रामीण मजदूरों को 100 दिनों का वैधानिक रोजगार सुनिश्चित करने की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा में किया गया यह बदलाव ग्रामीण गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला है और महात्मा गांधी के नाम व विचारधारा का अपमान है। उन्होंने कहा कि मनरेगा कांग्रेस की ऐतिहासिक देन है, जिसने ग्रामीण भारत में लाखों परिवारों को रोजगार और आजीविका का सहारा दिया।
हरियाणा कांग्रेस ने साफ किया कि भाजपा सरकार के गरीब-विरोधी कदमों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी ने घोषणा की कि मनरेगा को लेकर यह आंदोलन गांव-गांव तक ले जाया जाएगा और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
इस मौके पर हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्षा सुधा भारद्वाज, पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी, सुषमा खन्ना, रविंद्र रावल, चंचल शर्मा, मुनीर, सुनीता मान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।