शिमला, 3 फरवरी-:मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और अधोसंरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। वे आज यहां स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के नागरिकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आगामी अप्रैल माह से राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे प्रदेश की नैदानिक सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए भी प्रभावी प्रयास कर रही है, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पदों का सृजन भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएमसी शिमला में शीघ्र ही पैट स्कैन और रोबोटिक सर्जरी की सुविधाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में पहले से ही रोबोटिक सर्जरी सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों’ को और अधिक मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि प्रदेशवासियों को उनके घर के नजदीक ही उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में सुविधाओं के उन्नयन पर बल देते हुए स्वास्थ्य सेवाएं विभाग में 300 डॉक्टरों का प्रशिक्षण और अवकाश रिजर्व कोटा बनाने के निर्देश दिए। इससे पीजी कोर्स के लिए जाने वाले चिकित्सकों के कारण उत्पन्न होने वाली रिक्तियों से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी और वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के छोटे बैच बनाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी कक्षा में 60 से अधिक छात्र न हों। साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए लेक्चर थिएटरों के निर्माण में राज्य सरकार सहयोग प्रदान करेगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए सरकार एक व्यापक कार्य योजना के तहत कार्य कर रही है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से जहां मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा, वहीं चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध होगा।बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, विशेष सचिव अश्विनी कुमार, निदेशक आयुष निपुण जिंदल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।