शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनावों को टालने को लेकर भाजपा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है और सरकार सत्ता बचाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले के बावजूद सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर पंचायत चुनावों को टालने की कोशिश लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस सरकार गांवों के लोगों को उनके वोट के अधिकार से वंचित क्यों रखना चाहती है। चुनावों में कथित वोट चोरी के आरोप लगाने वाली कांग्रेस खुद प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री द्वारा आरडीजी (रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट) को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को भी भ्रामक करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर आर्थिक बदहाली का ठीकरा फोड़कर जनता को गुमराह कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों का नतीजा है।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए हजारों करोड़ रुपये की सहायता मिली, लेकिन उन पैसों का उपयोग विकास कार्यों में नहीं किया गया। कई बड़े प्रोजेक्ट्स में विभागों पर दबाव डालकर केवल यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट हासिल किए गए और फंड को ट्रेजरी से बैंकों में ट्रांसफर कर दिया गया।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के हितों की नहीं, बल्कि अपनी कुर्सी और पार्टी नेतृत्व को खुश रखने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार केंद्र से मिले फंड के उपयोग पर श्वेत पत्र जारी करे और पंचायत चुनाव तुरंत कराए।
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“कांग्रेस सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। पंचायत चुनाव टालकर गांव के गरीबों से उनका वोट का अधिकार छीना जा रहा है और केंद्र के पैसे का दुरुपयोग किया गया है।”