गुरुग्राम | हरियाणा सरकार गुरुग्राम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाने की दिशा में अब तक की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी शहरी विकास योजना शुरू करने जा रही है। द्वारका एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित की जा रही 1003 एकड़ की ‘ग्लोबल सिटी’ परियोजना में देश की सबसे ऊंची इमारत बनाने का प्रस्ताव सैद्धांतिक रूप से मंजूर कर लिया गया है।
सरकार इस मेगा प्रोजेक्ट को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए जल्द ही विशेष सलाहकार (एडवाइजर) नियुक्त करेगी। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के डिजाइन, आधुनिक तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुसार तैयार करने के लिए विदेशी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी।
ग्लोबल सिटी बनेगी आधुनिक शहरी विकास का मॉडल
हरियाणा सरकार की योजना के तहत गुरुग्राम में तैयार की जा रही ग्लोबल सिटी को स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन जोन, डिजिटल सुविधाओं और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में प्रस्तावित गगनचुंबी इमारत को पूरे शहर की आइकॉनिक पहचान के रूप में तैयार करने की तैयारी है।
निवेश, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बड़ा फायदा
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यदि देश की सबसे ऊंची इमारत इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनती है, तो इससे विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, मल्टीनेशनल कंपनियों की भागीदारी, टूरिज्म और हाई-स्किल जॉब्स के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह परियोजना गुरुग्राम को वैश्विक बिजनेस हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
हालांकि यह योजना फिलहाल प्रस्ताव स्तर पर है, लेकिन सरकार ने इसे लेकर सैद्धांतिक फैसला कर लिया है। अगले चरण में सलाहकार नियुक्त कर विस्तृत तकनीकी अध्ययन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एयरपोर्ट के पास होने से बढ़ सकती हैं चुनौतियां
प्रस्तावित साइट इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के काफी करीब है, जिसके कारण इमारत की ऊंचाई को लेकर कई तकनीकी बाधाएं सामने आ सकती हैं। इसके लिए सरकार को डीजीसीए (DGCA) और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) से मंजूरी लेनी होगी।
इमारत की अधिकतम ऊंचाई, एविएशन सेफ्टी, लाइटिंग सिस्टम और एयर ट्रैफिक पर प्रभाव जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञ स्तर पर मंथन किया जा रहा है।