हमीरपुर, अरविन्द-:पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वन विभाग ने इस वर्ष एक नई और अनोखी पहल की शुरुआत की है। अब तक केवल वन भूमि तक सीमित रहने वाला पौधारोपण अभियान पहली बार हमीरपुर जिले में लोगों की निजी यानी मलकीयत भूमि तक पहुंचेगा। ‘हिम एवर ग्रीन योजना’ के तहत वन विभाग किसानों और भूमि मालिकों को उनकी इच्छा के अनुरूप पौधे उपलब्ध करवा रहा है, जिससे हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
इस योजना की खास बात यह है कि वन विभाग भूमि मालिकों को पौधे बिल्कुल निशुल्क उपलब्ध करवाएगा। इतना ही नहीं, पौधारोपण के लिए प्रति पौधा 20 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इसके बाद विभाग द्वारा निरीक्षण किया जाएगा और जो पौधे जीवित पाए जाएंगे, उनके लिए प्रति पौधा अतिरिक्त 50 रुपये की राशि भूमि मालिक को प्रदान की जाएगी। इस तरह एक ही पहल से लोगों को आर्थिक सहयोग और पर्यावरण संरक्षण—दोनों का लाभ मिलेगा।वन विभाग के अनुसार जिले में बड़ी संख्या में ऐसी निजी जमीनें हैं, जहां खेती-बाड़ी बंद हो चुकी है या भूमि लंबे समय से बंजर पड़ी है। अब इन जमीनों का उपयोग पौधारोपण के माध्यम से किया जा सकेगा। इससे न केवल अनुपयोगी भूमि हरियाली में बदलेगी, बल्कि भविष्य में फलदार और औषधीय पौधों से किसानों को आय का साधन भी मिलेगा।
वन विभाग ने हमीरपुर जिले में एक वर्ष के भीतर करीब 30 हजार पौधे निजी भूमि में लगाने का लक्ष्य तय किया है। भूमि मालिक खुद यह तय कर सकेंगे कि वे अपनी जमीन पर कौन-कौन से पौधे लगाना चाहते हैं। विभाग उनकी मांग के अनुसार पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। बिझड़ी क्षेत्र के कुछ किसानों ने पहले ही आंवला सहित अन्य फलदार पौधे लगाने की इच्छा जताई है, जिस पर विभाग द्वारा जल्द कार्रवाई की जा रही है।वन अधिकारियों का मानना है कि यह प्रयोग पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जलवायु संतुलन और ग्रामीण आजीविका के लिए भी मील का पत्थर साबित हो सकता है।