बठिंडा। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने बुधवार को बठिंडा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आम आदमी पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा। पंडित दीन दयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे शर्मा ने एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांतों को याद करते हुए कहा कि पंडित जी का दर्शन आज भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की प्रेरणा देता है।
इसके बाद अश्विनी शर्मा ने AAP सरकार पर चुनावी वादों को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले दावा किया था कि एक महीने के भीतर पंजाब को नशामुक्त बना दिया जाएगा, लेकिन सरकार को बने 46 महीने से अधिक समय बीत चुका है और स्थिति सुधरने के बजाय और भयावह हो गई है।
शर्मा ने ड्रग्स से होने वाली मौतों के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड में जहां करीब 1600 मौतें दर्ज हैं, वहीं हकीकत में लगभग 15 हजार युवा और बच्चे नशे की चपेट में आ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में बदनामी के डर से कई परिवार अपने बच्चों की नशे से हुई मौतों को छिपा लेते हैं।
अश्विनी शर्मा ने दावा किया कि पंजाब में अब ड्रग्स की “होम डिलीवरी” तक हो रही है और गांवों की दीवारों पर नशा मिलने के स्थान लिखे हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधी चुनौती देते हुए कहा, “मान साहब, अगर आपमें हिम्मत है तो बताइए पंजाब में अब ड्रग्स कौन बेच रहा है?”
उन्होंने कहा कि तस्कर इतने बेखौफ हो चुके हैं कि पुलिस पर हमला करने से भी नहीं डरते। शर्मा ने आरोप लगाया कि यह स्थिति राज्य में कानून व्यवस्था की विफलता को उजागर करती है।
राज्यपाल की नशा विरोधी पदयात्रा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वह एक नागरिक के रूप में उसमें शामिल हुए थे, लेकिन सरकार इस अभियान का राजनीतिकरण कर रही है।
अश्विनी शर्मा ने कहा कि भाजपा ड्रग्स और आतंकवाद को एक ही नजर से देखती है और इनके खिलाफ पार्टी की नीति “जीरो टॉलरेंस” की है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी ही पंजाब से नशे की समस्या को खत्म कर सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी में जुटी है।