पंचकूला। हरियाणा सरकार ने कैंसर रोगियों को बेहतर और सुलभ उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के 17 जिलों में डे-केयर कैंसर सेंटरों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके साथ ही अब प्रदेश के कुल 22 जिलों में कैंसर उपचार की डे-केयर सुविधा उपलब्ध हो गई है।
सरकार ने यह पहल वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में की गई घोषणा के तहत शुरू की थी, जिसे अब अमल में लाकर पूरा कर दिया गया है। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने मरीजों के लिए ऐसे केंद्र स्थापित किए हैं, ताकि उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के बड़े अस्पतालों में भटकना न पड़े और उनके जिले में ही सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
इन डे-केयर कैंसर सेंटरों के माध्यम से मरीजों को कीमोथेरेपी, फॉलो-अप ट्रीटमेंट और देखभाल जैसी आवश्यक सुविधाएं अपने ही जिले में मिलेंगी। इससे मरीजों को इलाज के दौरान बार-बार दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय के साथ-साथ खर्च में भी कमी आएगी।
स्वास्थ्य विभाग राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कैंसर की रोकथाम, जांच और इलाज से जुड़ी सेवाएं लगातार मजबूत कर रहा है। 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए मुख, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की नियमित स्क्रीनिंग भी कराई जा रही है।
सरकार ने बताया कि ये केंद्र ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर काम करेंगे। इस मॉडल के तहत पीजीआईएमएस रोहतक, नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट झज्जर, सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद और अटल कैंसर केयर सेंटर अंबाला छावनी को हब के रूप में विकसित किया गया है, जो जिला अस्पतालों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे।
अंबाला छावनी स्थित अटल कैंसर केयर सेंटर में पहले से ही कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, सर्जरी और पेलिएटिव केयर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां बड़ी संख्या में कीमोथेरेपी सत्र, मैमोग्राफी, ब्रैकीथेरेपी और कैंसर सर्जरी की जा रही हैं।
सरकार के अनुसार जिला स्तर पर उपचार सुविधा मिलने से मरीजों के यात्रा, ठहरने और अन्य खर्चों में काफी राहत मिलेगी। साथ ही हरियाणा रोडवेज की बसों में कैंसर मरीज और एक सहायक को मुफ्त यात्रा सुविधा दी जा रही है। वहीं, स्टेज-3 और स्टेज-4 कैंसर मरीजों को, जिनकी पारिवारिक आय तीन लाख रुपये सालाना से कम है, सरकार द्वारा 3000 रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
सरकार का कहना है कि इन नए डे-केयर कैंसर सेंटरों से प्रदेश में कैंसर इलाज की व्यवस्था और मजबूत होगी और मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा।