हमीरपुर, अरविन्द -:जिले में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक न्यायिक अधिकारी को फर्जी बैंक और फाइनेंस प्रतिनिधि बनकर ठगों ने करीब छह लाख रुपये का चूना लगा दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया चल रही है।
पीड़ित अधिकारी के अनुसार दिसंबर 2025 में एक महिला ने फोन कर स्वयं को बैंक अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनका बैंक खाता निष्क्रिय हो गया है और उसे पुनः सक्रिय करने के लिए 2,360 रुपये जमा कराने होंगे। बात विश्वसनीय लगी, इसलिए उन्होंने बताई गई राशि जमा कर दी। इसके बाद उसी महिला ने उन्हें एक निवेश योजना में 10 हजार रुपये लगाने का सुझाव दिया और कम समय में अधिक लाभ का भरोसा दिलाया।कुछ ही दिनों में अधिकारी को कई व्हाट्सएप समूहों में जोड़ दिया गया, जहां निवेश पर ऊंचे रिटर्न के कथित स्क्रीनशॉट और प्रशंसापत्र साझा किए जाते थे। इसी दौरान दूसरी महिला ने संपर्क कर खुद को एक प्रतिष्ठित फाइनेंस कंपनी की अधिकारी बताया। उसके कहने पर अधिकारी ने एप्पल एप स्टोर से एक मोबाइल एप डाउनलोड किया। एप पर निवेश की गई रकम पर लगातार बढ़ता मुनाफा दिखाया जाता रहा, जिससे भरोसा मजबूत होता गया। इसी भरोसे में उन्होंने अलग-अलग किश्तों में करीब छह लाख रुपये निवेश कर दिए।
बाद में आरोपितों ने 11 लाख रुपये के बड़े निवेश प्लान का प्रस्ताव रखा। इस पर संदेह होने पर अधिकारी ने योजना की जांच करनी चाही, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि मामला साइबर फ्रॉड से जुड़ा है और जांच जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि केवल अधिकृत और मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से ही निवेश करें तथा किसी भी संदिग्ध कॉल, ऐप या लिंक से सतर्क रहें।