मंडी, धर्मवीर-:कुछ घंटों बाद छोटी काशी मंडी देवी देवताओं के आगमन व वाद्य यंत्रों की गूंज के साथ विभिन्न रंगों में रंगने वाली हैं। देवी देवताओं की शिरकत से जहां मंडी शहर में देवलोक का अलौकिक नजारा देखने को मिलेगा, वहीं संस्कृति और परंपरा के भी अद्भुत नजारे भी यहां देखने को मिलेगेें। आंखों को सुकून देने वाला यह नजारा छोटी काशी मंडी में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान देखने को मिलेगा। छोटी काशी में इस बार यह महोत्सव आगामी 16 फरवरी से 22 फरवरी तक मनाया जाएगा।
बीते साल ब्यास आरती और इंटरनेशन परेड़ ने जहां सबका मन माह लिया था, वहीं इस साल इन सबके साथ साहित्स,आर्ट एंड क्राफट उत्सव और छोटी काशी के 500 सालों के इतिहास व महत्व को दिखाती हुई हैरिटेज वॉक भी देखने को मिलेगी। बीती शाम संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया को सबोधित करते हुए डीसी मंडी ने बताया कि इंटरनेशन परेट में इस बार 12 अंतरराष्ट्रीय दल अपनी प्रस्तुती देंगे। ब्यास आरती और साहित्य उत्सव 14 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। हर साल की तरह 6 सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हिमाचल व बॉलीवुड गायक अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे। इन सांस्कृतिक संध्याओं की एक शाम दर्शकों के लिए सरप्राइज रहेगी।
750 जवान संभालेंगे सुरक्षा का जिम्मा, 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
वहीं महोत्सव के दौरान शहर में लागू होने वाले ट्रैफिक प्लान और कानून व्यवस्था की जानकारी साझा करते हुए एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि 15 फरवरी से शहर में नया ट्रैफिक प्लान लागू हो जाएगा। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए 750 जवानों की तैनाती की गई है, जिनकी चप्पे-चप्पे पर नजर रहेगी। सुरक्षा की दृष्टि से शहर के प्रवेश द्वारों पर नाकाबंदी की जाएगी। इसके अलावा 300 से अधिक स्थायी और अस्थाई सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। महोत्सव के दौरान मंडी पुलिस द्वारा चिट्टे जैसे जानलेवा नशे के खिलाफ अभियान भी छेड़ा जाएगा और खेलों सहित विभिन गतिविधियों माध्यम से नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया जाएगा।
शिवरात्रि महोत्सव देव व मानस मिलन का अलौलिक नजारा:
बता दें कि जिला प्रशासन द्वारा जनपद के 216 पंजीकृत देवी देवताओं को छोटी काशी मंडी में आयोजित होने वाले अंतराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का निमंत्रण दिया जाता है। जिनमें से 200 के करीब देवी-देवता छोटी काशी में इस महोत्सव की शोभा बढ़ाने के लिए पहुंचते हैं। वहीं इतने ही गैर पंजीकृत देवी देवता इस महोत्सव में शिरकत करते हैं। यह देवी-देवता पड्डल में विराजते हैं और इस दौरान हफ्ते भर पड्डल में देव व मानस मिलन का भव्य नजारा देखने को मिलता है। इस बार देवी-देवताओं के लिए जिला प्रशासन ने खास तौर पर देवी-देवताओं के लिए पैगोडा शैली के टैंटो व्यवस्था की है। जिसमें श्रद्धालुओं को एक साथ देव दर्शन की श्रृंखला देखने को मिलेगी।